पुतिन के भारत दौरे का दूसरा दिन: पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय भारत के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। शुक्रवार को, इस दौरे के दूसरे दिन, दोनों शीर्ष नेताओं ने कई अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की और कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की।
पर्यटन को लेकर हुआ सबसे बड़ा ऐलान
इस दौरे की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा पर्यटन के क्षेत्र में की गई। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया कि भारत जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए दो तरह के वीज़ा सुविधाएँ शुरू करेगा:
30 दिनों का मुफ्त ई-टूरिस्ट वीज़ा
30 दिनों का ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी आवागमन (People-to-people contact) के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दो समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह ऐतिहासिक निर्णय भारत और रूस के बीच के मजबूत संबंधों को और भी अधिक गहरा करेगा, खासकर पर्यटन और व्यापार के क्षेत्रों में।
ई-टूरिस्ट वीज़ा क्या है?
ई-टूरिस्ट वीज़ा एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक (ऑनलाइन) वीज़ा है, जिसकी आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती है।
सरल प्रक्रिया: इसका मतलब है कि वीज़ा प्राप्त करने के लिए आवेदक को किसी भी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

उद्देश्य: पर्यटक मनोरंजन, यात्रा या रिश्तेदारों से मिलने जैसे कार्यों के लिए इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रवेश की अनुमति: एक बार आवेदन स्वीकृत होने के बाद, आवेदक को ईमेल के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (ETA) मिलता है। यह प्राधिकरण पासपोर्ट से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जुड़ा होता है और भारत में प्रवेश की अनुमति देता है।

यह प्रक्रिया पारंपरिक वीज़ा की तुलना में काफी सरल और तेज है। सरकार के इस कदम से भारत आने वाले रूसी पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।








