अंतिम पन्नों से लेकर सुपरमार्केट तक असर: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारत में डाइट कोक की किल्लत, कीमतें 10% तक बढ़ीं
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (अमेरिका और इजरायल से जुड़े युद्ध) में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब और दैनिक आदतों पर पड़ने लगा है। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है, जिसका ताजा शिकार भारत में बिकने वाली लोकप्रिय ‘डाइट कोक’ (Diet Coke) बनी है। देश के प्रमुख बाजारों में डाइट कोक की सप्लाई में भारी गिरावट देखी जा रही है और इसकी कीमतों में 10% तक का उछाल आया है।
क्यों रुक गई सप्लाई? ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ बना मुख्य कारण
इस किल्लत की सबसे बड़ी वजह एल्युमीनियम कैन और उससे जुड़े कच्चे माल की कमी है। भारत में सॉफ्ट ड्रिंक्स के लिए इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर एल्युमीनियम कैन ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) के समुद्री मार्ग से आते हैं। युद्ध के कारण इस रास्ते पर मालवाहक जहाजों की आवाजाही ठप पड़ गई है।
आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो अन्य समुद्री व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
महंगे और बड़े कैन आयात करने को मजबूर कंपनी
सप्लाई चेन में आई इस रुकावट से निपटने के लिए कोका-कोला कंपनी को मजबूरन दक्षिण-पूर्व एशिया (South-East Asia) से महंगे और बड़े आकार के कैन आयात करने पड़ रहे हैं।
बाजार का गणित: > भारत में सबसे ज्यादा मांग 300 मिलीलीटर (300\text{ ml}) वाले डाइट कोक कैन की है, जिसकी सामान्य कीमत ₹40 है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक (Health-conscious) लोगों के बीच यह बेहद लोकप्रिय है। लेकिन नए और महंगे कैन के आयात के कारण रिटेल मार्केट में इसकी उपलब्धता कम हो गई है और दाम बढ़ गए हैं।
‘जीरो शुगर कोक’ पर कोई असर नहीं
हेल्थ फ्रीक्स और सॉफ्ट ड्रिंक प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि कोका-कोला द्वारा बेची जाने वाली ‘जीरो कोक’ (Coca-Cola Zero Sugar) की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। इसकी स्थानीय पैकेजिंग और अलग सप्लाई चेन के कारण इस पर युद्ध का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।










