भारत और पोलैंड ने 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का रखा लक्ष्य, नई दिल्ली में मिले दोनों देशों के प्रधानमंत्री
भारत और पोलैंड ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का एक महत्वपूर्ण साझा लक्ष्य निर्धारित किया है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने आर्थिक, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प जताया है। पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की यह भारत यात्रा 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी पोलिश प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है, जो दोनों राष्ट्रों के मजबूत होते रिश्तों की एक अहम कड़ी मानी जा रही है। इससे पूर्व, वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोलैंड का ऐतिहासिक दौरा किया था, जो लगभग पांच दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली पोलैंड यात्रा थी। उस दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ाया गया था।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी वारसॉ यात्रा ने भारत-पोलैंड संबंधों को एक नई गति प्रदान की है और बीते दो वर्षों में द्विपक्षीय रिश्तों में अभूतपूर्व प्रगति देखी गई है। वहीं, पोलिश प्रधानमंत्री टस्क ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं ने अब तक हुए रणनीतिक और व्यापारिक सहयोग के परिणामों की व्यापक समीक्षा की है तथा भविष्य के लिए स्पष्ट प्राथमिकताएं तय की हैं। दोनों ही तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं, जिसके चलते खनिज संसाधनों, ऊर्जा, जहाज निर्माण, रक्षा, अंतरिक्ष और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों की आर्थिक ताकत और मजबूत होते रिश्ते 2030 तक व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को निश्चित रूप से पूरा करेंगे।
व्यापारिक आंकड़ों के संदर्भ में पोलैंड के वित्त मंत्री आंद्रेज दोमान्स्की के अनुसार, भारत और पोलैंड के बीच वर्तमान में कुल व्यापार का मूल्य 6 अरब डॉलर से कुछ अधिक है। दोनों देश आपसी व्यापारिक दायरा बढ़ाने के प्रति बेहद गंभीर हैं और इसके लिए मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल हैं। हालांकि, पोलिश वित्त मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि भारत के साथ व्यापार में पोलैंड को एक बड़े व्यापार घाटे का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष पोलैंड ने भारत को लगभग 1.4 अरब यूरो का सामान निर्यात किया, जबकि भारत से उसका आयात 4.3 अरब यूरो रहा। वर्तमान व्यापारिक ढांचे के तहत पोलैंड भारत को मुख्य रूप से मशीनरी, खनिज उत्पाद और धातुओं का निर्यात करता है, जबकि भारत से पोलैंड में मुख्य रूप से कपड़ा, मशीनरी और धातुओं का बड़े पैमाने पर आयात किया जाता है।











