जर्मनी के बोचुम अग्निकांड: केरल पहुंचे सिविन जॉनी और अंजलि के शव, मणिकमंगलम में होगा अंतिम संस्कार
जर्मनी के बोचुम शहर में एक अपार्टमेंट में हुई दर्दनाक आग की दुर्घटना में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के शव अब उनके स्वदेश पहुंचने लगे हैं। इस दुखद हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सिविन जॉनी और अंजलि के पार्थिव शरीर शुक्रवार तड़के करीब 1:30 बजे नेडुम्बसेरी हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनके रिश्तेदारों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने नम आंखों से शवों को प्राप्त किया।
हवाई अड्डे पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों शवों को आगे की प्रक्रियाओं के लिए अलुवा के सीईए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सिविन जॉनी का शव सुबह 6:30 बजे कलाडी के मणिकमंगलम स्थित उनके पैतृक निवास थोट्टकाथ ले जाया गया। उनके परिवार और परिचितों की मौजूदगी में दोपहर 2 बजे उनके घर पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद मणिकमंगलम स्थित सेंट रॉकी चर्च में उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
कोल्लम जिले के पेरियानाड की रहने वाली अंजलि का शव भी केरल में उनके गृहनगर पहुंचा दिया गया है, जहां परिजन उनका अंतिम संस्कार करेंगे। इस बीच, इडुक्की जिले के रहने वाले तीसरे छात्र नोवा साबू का शव, जिनकी मौत भी इसी अपार्टमेंट में आग लगने के दौरान जहरीला धुआं अंदर जाने से हुई थी, शुक्रवार रात 8:15 बजे नेडुम्बसेरी हवाई अड्डे पर पहुंचने की उम्मीद है।
जर्मनी के बोचुम में घटी इस भीषण घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसमें पढ़ाई के सिलसिले में वहां रह रहे इन तीनों भारतीय छात्रों की असमय मौत हो गई थी। स्थानीय पुलिस और अभियोजकों द्वारा 14 अक्टूबर को दी गई जानकारी के अनुसार, एक फायर एक्सपर्ट की मदद से की गई गहन जांच में यह साफ हो गया है कि आग किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण नहीं लगी थी। इस खुलासे के बाद वहां रहने वाले 41 वर्षीय एक व्यक्ति पर गंभीर संदेह जताया गया है। बोचुम अभियोजक कार्यालय के निर्देशन में हत्या मामलों की जांच करने वाली इकाई यानी होमिसाइड कमीशन के जांचकर्ताओं द्वारा इस संदिग्ध से लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच जारी है।
घटना के तुरंत बाद, 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक आधिकारिक बयान में बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास ने गहरा शोक व्यक्त किया था। दूतावास ने अपने संदेश में कहा था कि जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया के बोचुम में आग लगने की दुर्घटना में तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई है, जो वहां उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास और फ्रैंकफर्ट में भारत का महावाणिज्य दूतावास इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लगातार स्थानीय जर्मन अधिकारियों और पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहे हैं तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव कूटनीतिक और प्रशासनिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। इस अकल्पनीय और दुख की घड़ी में दूतावास और पूरा देश पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।











