पठानकोट में साझा मुलाजिम व पेंशनर फ्रंट की दो दिवसीय हड़ताल से ठप रहे सरकारी कामकाज
पठानकोट जिले में इन दिनों सभी सरकारी कार्यालय और कामकाज पूरी तरह ठप पड़े हैं। पंजाब साझा मुलाजिम और पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के आह्वान पर जिले में दो दिवसीय हड़ताल के चलते यह स्थिति बनी है। पिछले कल और आज के इस प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारी और पेंशनर्स बड़ी संख्या में पठानकोट बस स्टैंड पर धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने और उनके साथ अनादरपूर्ण व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस दौरान सेवानिवृत्त डीएसपी और पंजाब पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन पठानकोट के प्रधान गुरदयाल सिंह सैनी ने रैली में शामिल होकर सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां आईएएस और आईपीएस लॉबी और अन्य उच्च अधिकारी तमाम भत्ते और कमीशन लेते हैं, वहीं गरीब कर्मचारियों और बुजुर्गों को उनके अधिकार से वंचित रखा जाता है। उन्होंने सवाल किया कि एक बार विधायक बनने वाले व्यक्ति को आजीवन और उसकी पत्नी को भी पेंशन मिलती है, जबकि 35-40 साल अपनी जवानी और मेहनत सरकारी सेवा में खपाने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे में पेंशन के लाले पड़ जाते हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां पुरानी पेंशन योजना लागू हो सकती है, तो पंजाब सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती।
मुलाजिम नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली, वेतन विसंगतियों और अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो यह संघर्ष और अधिक तीव्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बस स्टैंड से बालमिकी चौक तक रोष मार्च निकाला और मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले चुनावों में इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।











