सीक्रेट सर्विस का हैरतअंगेज ऑपरेशन: जान बचाने के लिए कैटरिंग ट्रक में छिपे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ईरान से हमले के खतरे के बीच तुर्की से ब्रिटेन के लिए गुप्त मिशन पर रवाना हुए ट्रंप; मुख्य विमान बना ‘चकरा देने वाला छलावा’
वाशिंगटन / अंकारा : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। ईरान की तरफ से बने जानलेवा खतरे के बीच ट्रंप को बचाने के लिए अमेरिका की ‘सीक्रेट सर्विस’ ने एक बेहद जटिल और हैरान कर देने वाले गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। मीडिया रिपोर्ट्स (जिनमें द वाशिंगटन पोस्ट भी शामिल है) के अनुसार, तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) सम्मेलन के बाद ट्रंप की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एक हवाई अड्डे के कैटरिंग ट्रक (खाना और राशन लादने वाले ट्रक) का सहारा लेना पड़ा।
कैसे रचा गया यह चकमा देने वाला प्लान?
8 जुलाई को अंकारा (तुर्की) में नाटो सम्मेलन समाप्त होने के बाद, खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मिला कि ईरान की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को निशाना बनाया जा सकता है। उस समय ट्रंप के पास कतर से तोहफे में मिला नया बोइंग 747-8 विमान था, जो ऐसे उच्च-स्तरीय सुरक्षा खतरों और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से पूरी तरह लैस नहीं था।
ट्रंप को सुरक्षित रूप से यू.के. (ब्रिटेन) पहुंचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने यह मास्टरप्लान तैयार किया:
- कैमरों के सामने नाटक: सुरक्षा एजेंसियों ने मीडिया और कैमरे के सामने ट्रंप को पुराने ‘एयर फोर्स वन’ (Air Force One) विमान में चढ़ते हुए दिखाया।
- हाइड्रोलिक कैटरिंग ट्रक से गुप्त निकास: विमान में प्रवेश करते ही, ट्रंप और उनके कुछ खास सहयोगियों को विमान के पिछले हिस्से में मौजूद एक हाइड्रोलिक कैटरिंग ट्रक में चुपचाप नीचे उतारा गया।
- दूसरे सैन्य विमान में सवार: कैटरिंग ट्रक चुपके से रनवे पर खड़े एक छोटे अमेरिकी सैन्य विमान (Air Force C-32A) के पास जाकर रुका, जिसमें ट्रंप सवार हो गए।
- मुख्य विमान बना डिकॉय (Decoy): पुराना एयर फोर्स वन केवल एक ‘छलावा’ के रूप में उड़ा, जिसमें मीडियाकर्मी और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्हें लगा कि राष्ट्रपति उसी विमान में हैं।
पत्रकारों और अफसरों तक को नहीं थी भनक
इस योजना को इतनी गोपनीयता के साथ अंजाम दिया गया कि मुख्य विमान में सवार पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसका अहसास नहीं हुआ।
विंडो शेड डाउन करने का निर्देश: > उड़ान के दौरान पत्रकारों को विमान की खिड़कियों के पर्दे (Window Shades) गिराने को कहा गया। यह एहतियात आमतौर पर तब बरती जाती है जब विमान किसी अति-संवेदनशील या खतरनाक इलाके से गुजर रहा होता है। बाद में जब पत्रकारों ने इस बारे में पूछा, तो ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा— “यदि मैं जाता हूँ, तो आप भी जाते हैं।”
साल 2000 के बिल क्लिंटन मिशन से तुलना
अमेरिकी राष्ट्रपति को खतरे से बचाने के लिए इस तरह के तरीके पहली बार नहीं अपनाए गए हैं:
- वर्ष 2000 का मामला: तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे, तब उन्हें भी बिना किसी अमेरिकी पहचान वाले एक अचिह्नित (Unmarked) विमान में भेजा गया था, जबकि आधिकारिक ‘एयर फोर्स वन’ को एक छलावे के रूप में आगे उड़ाया गया था।
कतरी विमान और सुरक्षा संबंधी विवाद
- उपहार में मिला विमान: डोनाल्ड ट्रंप जिस नए बोइंग 747-8 विमान का उपयोग कर रहे हैं, वह कतर के शाही परिवार द्वारा उपहार में दिया गया था।
- सुरक्षा खामियां: यद्यपि इसमें करोड़ों डॉलर खर्च कर कई सुधार किए गए हैं, फिर भी यह पारंपरिक एयर फोर्स वन के समान पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
- व्हाइट हाउस का पक्ष: व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति के नए विमान में सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरे हैं, लेकिन दुश्मनों के लगातार मंडराते खतरों के कारण अलग-अलग सुरक्षा उपाय करना अनिवार्य हो जाता है। खुद ट्रंप ने भी स्वीकार किया है कि इस विमान में अभी कुछ और सुरक्षा सुधार किए जाने बाकी हैं।











