पठानकोट DC ऑफिस में खुला प्राकृतिक ‘ग्रीन फाउंटेन’
पठानकोट: उपायुक्त (DC) कार्यालय और तहसील कार्यालय परिसर में खूबसूरती एवं आकर्षण के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया वाटर फाउंटेन इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। रख-रखाव के अभाव में फाउंटेन का साफ पानी अब काई और गंदगी से पट चुका है, जो सुंदर स्थल के बजाय बीमारियों के घर जैसा दिखाई दे रहा है।
सौंदर्य की जगह बढ़ा रहा बीमारियाँ
स्थानीय नागरिकों और आगंतुकों की सुविधा व कार्यालय की शोभा बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस फाउंटेन में पानी जमा होने के कारण हरी काई की मोटी परत जम चुकी है। मानसून और बरसात के मौसम में इस तरह जमा हुआ गंदा पानी डेंगू, चिकनगुनिया जैसी जानलेवा मानसूनी बीमारियों को सीधा न्योता दे रहा है।
“जहाँ रोज़ हज़ारों लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए DC ऑफिस और तहसील कार्यालय आते हैं, वहाँ बीचों-बीच खड़ा यह फाउंटेन अब बदबू और मच्छरों की नर्सरी बन रहा है।”
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल
सरकारी धन के दुरुपयोग और अनदेखी पर व्यंग्य करते हुए सवाल उठ रहे हैं कि:
- जब इन आकर्षण स्थलों का रख-रखाव और देखभाल नहीं की जा सकती, तो इन पर लाखों रुपये क्यों खर्च किए जाते हैं?
- शहर की सफाई व्यवस्था का दावा करने वाला प्रशासन अपने ही परिसर की सफाई पर अंकुश क्यों नहीं लगा पा रहा?
जनता की मांग
स्थानीय लोगों और आगंतुकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इस फाउंटेन की तुरंत सफाई कराई जाए और जमा हुए दूषित पानी का उचित निस्तारण किया जाए ताकि परिसर में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों का सामना न करना पड़े।











