पठानकोट की शान या अनदेखी का शिकार: जानिए महाराजा रणजीत सिंह लाइब्रेरी का हाल
पठानकोट:शहर के शिमला पहाड़ी स्थित महाराजा रणजीत सिंह लाइब्रेरी, जो पठानकोट की एक महत्वपूर्ण धरोहर और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का केंद्र है, इन दिनों मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा से जूझ रही है।
लाइब्रेरी में प्रतिदिन दर्जनों युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, साहित्य और उपन्यासों का अध्ययन करने पहुंचते हैं। हालांकि, यहां अध्ययन का माहौल शांत और अनुकूल है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली का मीटर खराब, इनवर्टर-जनरेटर की व्यवस्था नहीं
लाइब्रेरी का बिजली मीटर पिछले लगभग दो महीनों से जल चुका है। बैकअप के लिए न तो इनवर्टर की कोई व्यवस्था है और न ही जनरेटर की। इसके चलते जब भी बिजली कटती है, पूरी लाइब्रेरी अंधेरे में डूब जाती है और छात्रों को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। मीटर खराब होने के कारण एसी का भी सही ढंग से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
पीने के पानी की किल्लत और लाइब्रेरियन का पद खाली
लाइब्रेरी परिसर में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, यहां स्थाई लाइब्रेरियन या हेल्पर की कोई नियुक्ति नहीं है। फिलहाल नगर निगम के अधिकारी ही अपने अन्य कार्यों के साथ-साथ इस लाइब्रेरी की देखरेख कर रहे हैं।
स्थानीय छात्र अजय का कहना है कि वे पिछले एक साल से यहां आ रहे हैं, लेकिन रखरखाव में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि करीब एक हफ्ता पहले बिजली और पीने के पानी की समस्या को लेकर जिला उपायुक्त (डीसी) को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
प्रशासन से सुधार की मांग
छात्रों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन, नगर निगम अधिकारियों और डीसी साहब से अपील की है कि लाइब्रेरी में जल्द से जल्द स्थाई लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जाए, नया बिजली मीटर लगाया जाए और पीने के पानी व बिजली बैकअप की उचित व्यवस्था की जाए ताकि युवाओं को पढ़ाई में किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।












