त्योहारों के सीजन में पठानकोट में ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी, सड़कों पर अवैध पार्किंग से लग रहा भारी जाम
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही पठानकोट में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ रही भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो चुकी है। शहर के लगभग हर गली और चौराहे पर रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और खरीदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था के बिगड़ने का मुख्य कारण बाजारों में आने वाले लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही और नियमों को ताक पर रखकर की जाने वाली पार्किंग है।
स्थिति यह है कि लोग अपनी गाड़ियां और दोपहिया वाहन तय पार्किंग स्थलों पर खड़ा करने के बजाय सीधे सड़कों के बीचों-बीच पार्क करके बाजारों में घूमने चले जाते हैं। डाकखाना चौक और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध पार्किंग की समस्या सबसे अधिक विकराल रूप ले चुकी है। हालांकि वाल्मीकि चौक के पास वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है जो बाजार के काफी नजदीक है, इसके बावजूद लोग अपनी गाड़ियां मुख्य सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से खड़ी कर देते हैं। डाकखाना चौक की तरफ जाने वाले वाहन चालक भी सड़क किनारे या बीच में वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे चौड़ी सड़कें भी सिमटकर संकरी गलियों जैसी हो जाती हैं।
सड़क के बीच में वाहनों की इस अवैध और अनियोजित पार्किंग के कारण पीछे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जबकि आगे की सड़क पूरी तरह से खाली होती है। इस वजह से न केवल दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को निकलने में भारी दिक्कतें होती हैं, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों का चलना भी दूभर हो गया है। हालांकि ट्रैफिक विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर अवैध पार्किंग करने वालों के चालान काटे जाते हैं और उन्हें समझाइश भी दी जाती है, लेकिन लोगों की उदासीनता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नागरिकों की इसी अनदेखी के चलते त्योहारी सीजन में बाजारों के भीतर जाम की समस्या नासूर बनती जा रही है। शहरवासियों और दुकानदारों ने ट्रैफिक विभाग से यह मांग की है कि इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। अवैध रूप से जगह-जगह सड़क पर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पठानकोट के बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके और लोगों को इस रोज-रोज की जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके।










