पठानकोट DC कॉम्प्लेक्स: 1 साल बाद भी जस के तस हालात, फिर मानसून की आहट से सहमे लोग
- पिछले साल बाढ़ में ढही थी परिसर की सुरक्षा दीवार और धंस गई थी सड़क।
- 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ कोई मरम्मत कार्य, हादसों को न्योता।
- पीडब्ल्यूडी अधिकारी का दावा— “एस्टिमेट भेजा जा चुका है”।
विशेष संवाददाता, पठानकोट: स्थानीय डीसी कॉम्प्लेक्स (तहसील कार्यालय मार्ग) में पिछले वर्ष की भारी बरसात और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क व सुरक्षा दीवार की स्थिति आज एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बदहाल पड़ी हुई है। मानसून ने एक बार फिर दस्तक दे दी है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह मार्ग हादसों का केंद्र बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले वर्ष मानसून के दौरान आए पानी के तेज बहाव में डीसी कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक छोटा भवन व सुरक्षा दीवार पूरी तरह ढह गई थी। इसके साथ ही पार्किंग व आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाली सड़क बुरी तरह धंस गई थी। आलम यह रहा कि उस समय एक वाहन भी नीचे गहराई में जा गिरा था, जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया था।
हादसों का बेखौफ न्योता
तस्वीर यह है कि सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह खिसक चुकी है और सड़क केवल लेंटर के सहारे टिकी हुई प्रतीत होती है। प्रतिदिन इस कॉम्प्लेक्स व तहसील कार्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए हजारों की संख्या में आम नागरिक और सरकारी कर्मचारी आते हैं। जगह की कमी के चलते कई लोग मजबूरी में इसी धंसी हुई सड़क पर अपने दोपहिया वाहन पार्क कर रहे हैं। यदि कोई भारी वाहन या फिर से जलभराव होता है, तो यहाँ कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
विभाग का रवैया: फाइल-फाइल का खेल
जब इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी परविंदर सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो जानकारी मिली कि मरम्मत के लिए एस्टिमेट बनाकर आगे भेजा जा चुका है। हालाँकि, सवाल यह उठता है कि आपदा के पूरे 1 साल बाद भी केवल एस्टिमेट की प्रक्रिया का ही रोना रोया जा रहा है, जबकि टेंडर प्रक्रिया और धरातल पर काम शुरू होना अभी बाकी है।
स्थानीय लोगों की गुहार: > “प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार न करे। बारिश का मौसम दोबारा शुरू हो चुका है, यदि जल्द ही इस गड्ढे व ढही हुई दीवार को दुरुस्त नहीं किया गया तो इस बार जन-धन की बड़ी हानि हो सकती है।”













