अमेरिकी सेना के पास हथियारों की भारी किल्लत: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला अंतिम क्षणों में टाला
वाशिंगटन / दुबई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान के खिलाफ तय किए गए एक बड़े सैन्य हमले की योजना को अंतिम क्षणों में रद्द कर दिया। वैश्विक समाचार एजेंसी सीएनएन (CNN) की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस अचानक लिए गए फैसले के पीछे अमेरिकी सेना के पास रक्षा प्रणालियों और घातक हथियारों की भारी कमी को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
80% थाड (THAAD) और 50% पैट्रियट मिसाइलें खत्म
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से हुए खुलासे के मुताबिक, अमेरिकी सेना अपनी सबसे उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों के भंडार को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर चुकी है:
- थाड (THAAD) इंटरसेप्टर: लगभग 80% इस्तेमाल हो चुके हैं।
- पैट्रियट (Patriot) इंटरसेप्टर: करीब 50% भंडार खत्म हो चुका है।
जोइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन (Gen. Dan Caine) ने गोपनीय रूप से चेतावनी दी है कि पेंटागन का गोला-बारूद भंडार बेहद “निचले स्तर” पर पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि यह हमला कर दिया जाता, तो अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) के पास रक्षात्मक मिसाइलों का स्टॉक शून्य हो जाता।
खाड़ी देशों की चिंता और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह फैसला खाड़ी (गल्फ) के सहयोगी देशों के साथ बातचीत के बाद लिया है।
- जवाबी हमले का डर: सहयोगी देशों ने चिंता जताई थी कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ईरान उनके प्रमुख ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) को निशाना बना सकता है।
- सुरक्षा कवच कमजोर: हथियारों की कमी के कारण खाड़ी देशों में यह डर बना हुआ है कि अमेरिका अब उनकी पूरी सुरक्षा करने में सक्षम नहीं हो पाएगा।
ड्रोन हमले रोकना होगा मुश्किल
सैन्य विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि रक्षात्मक मिसाइलों की किल्लत के बीच पारंपरिक हमले अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित हो सकते हैं:
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- यदि ईरान बड़ी संख्या में आत्मघाती (कामिकेज़) ड्रोन से हमला करता है, तो अमेरिकी सेना के लिए उन्हें हवा में ही रोक पाना (Intercept) बेहद कठिन होगा।
- अमेरिका युद्ध के दौरान अपनी अधिकांश ATACMS और सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइलें (Precision Strike Missiles) पहले ही इस्तेमाल कर चुका है।
- वैश्विक स्तर पर अमेरिका की टोमाहॉक (Tomahawk) मिसाइलों की 50% आपूर्ति भी समाप्त हो चुकी है।
विशेषज्ञों की राय: > रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सैन्य गतिरोध और खिंचाव कभी युद्ध का अंत नहीं कर सकता, बल्कि इससे मध्य पूर्व (Middle East) क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव और अधिक बढ़ेगा।











