पंजाब के सरकारी विभागों में 5-6 अगस्त को ‘कलम-कंप्यूटर बंद’ हड़ताल
पठानकोट के शाहपुरकंडी में सांझा कर्मचारी मंच की विशेष बैठक; 7 अगस्त को चंडीगढ़ में महारैली का ऐलान
पठानकोट/शाहपुरकंडी:शाहपुरकंडी (पठानकोट) में ‘सांझा कर्मचारी मंच’ की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक रंजीत सागर डैम के चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ गहरा रोष जताया गया।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 5 और 6 अगस्त को पंजाब के सभी सरकारी कार्यालयों में ‘कलम छोड़ो’ और ‘कंप्यूटर बंद’ हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
7 अगस्त को चंडीगढ़ में होगी विशाल महारैली
हड़ताल के अगले ही दिन, 7 अगस्त को राज्यभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ स्थित दाना मंडी पहुँचेंगे। यहाँ ‘सांझा कर्मचारी मंच’ और ‘पेंशनर फ्रंट पंजाब’ की ओर से संयुक्त तालमेल कमेटी के बैनर तले एक ऐतिहासिक महारैली का आयोजन किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं के मुख्य बिंदु व मांगें:
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- महारैली के लिए लामबंदी: रंजीत सागर डैम, शाहपुरकंडी डैम और डीसी दफ़्तर पठानकोट के समूह मुलाजिमों व पेंशनरों ने एकजुट होकर इस रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया।
- हाईकोर्ट के फैसलों और महंगाई भत्ते (DA) की अनदेखी: नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल ही में हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सरकार बकाया डीए (Dearness Allowance) और अन्य भत्ते लागू नहीं कर रही है।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल न करने और 2017 के बाद केंद्र के पे-कमिशन के तहत लगे कर्मचारियों के भत्तों में कटौती का कड़ा विरोध किया गया।
- व्यापक सहभागिता: इस बैठक में स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन, क्लैरिकल, क्लास-4, ड्राइंग एसोसिएशन, इंजीनियरिंग एसोसिएशन और सीपीएफ (CPF) यूनियन समेत कई फील्ड जत्थेबंदियों ने हिस्सा लिया।
चेतावनी: > कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और चुनावों से पहले इस संघर्ष को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।











