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भारत की बढ़ी सैन्य ताकत: नागपुर में स्वदेशी ‘भार्गवास्त्र’ एंटी-ड्रोन सिस्टम का सफल परीक्षण

रक्षा क्षेत्र में भारत का बड़ा कदम: स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ का नागपुर में सफल ट्रायल

नागपुर:आकाश से होने वाले हवाई हमलों और दुश्मन देश के खतरनाक ‘ड्रोन स्वार्म’ (ड्रोन के खतरनाक झुंड) के बढ़ते खतरों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

​महाराष्ट्र के नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) ने भारतीय सेना के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के सामने अपने पूरी तरह स्वदेशी और मल्टी-लेयर काउंटर-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ (Bhargavastra) का सफल प्रदर्शन और परीक्षण किया है।

​क्या है ‘भार्गवास्त्र’?

​’भार्गवास्त्र’ भारत में निर्मित, वाहन पर तैनात (Vehicle-Mounted) एक अत्याधुनिक और बहुस्तरीय एंटी-ड्रोन रक्षा प्रणाली है।

  • स्वदेशी और बहुस्तरीय सुरक्षा: यह प्रणाली हथियारबंद ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन्स (आत्मघाती ड्रोन) और स्वायत्त (Autonomous) ड्रोन झुंडों के हमलों से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • किफायती और सटीक: सतह से हवा में मार करने वाली महंगी मिसाइलों की तुलना में ‘भार्गवास्त्र’ एक बेहद किफायती और बेहद घातक विकल्प पेश करता है।
  • क्विक रेस्पॉन्स: वाहन पर तैनात होने के कारण इसे सीमावर्ती क्षेत्रों या किसी भी दुर्गम इलाके में त्वरित सुरक्षा देने के लिए आसानी से ले जाया जा सकता है।

​कैसे काम करती है यह प्रणाली?

​यह सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को तबाह करने के लिए मुख्य रूप से दो चरणों (Multi-Layer) में काम करता है:

  • पहली लेयर (अनगाइडेड माइक्रो-रॉकेट्स): यह लेयर एक साथ आने वाले ड्रोन के बड़े झुंड को 20 मीटर के दायरे में तुरंत नष्ट करने में सक्षम है।
  • दूसरी लेयर (गाइडेड माइक्रो-मिसाइलें): यह लेयर सटीक निशाना साधकर चुनिंदा, चालाक और चकमा देने वाले टारगेट को हवा में ही खत्म कर देती है।

​इसके अलावा, इस सिस्टम में उन्नत राडार (जो 10 किमी तक खतरे को पहचान सकता है), इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और सेंसर-टू-शूटर कमांड नेटवर्क मौजूद है, जो माइक्रो-सेकंड में खतरे को भांपकर सटीक हमला करता है।

​रक्षा विशेषज्ञों की राय

​सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया वैश्विक संघर्षों में ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन्स का उपयोग काफी बढ़ा है। ‘भार्गवास्त्र’ का यह सफल ट्रायल भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को न केवल मजबूती देगा, बल्कि भविष्य के युद्धों में भारतीय सीमाओं और सामरिक ठिकानों को एक मजबूत सुरक्षा कवच भी प्रदान करेगा।

Ami News
Author: Ami News

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