दोरांगला के सीमावर्ती गांवों में बाढ़ की आहट: नोमणी नाले उफान पर, सड़कों पर भरा पानी
जिले के सीमावर्ती क्षेत्र दोरांगला के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बरसात के कारण जहां निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों के लोग पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ जैसी स्थिति दोहराए जाने की आशंका से खौफजदा हैं।
उफान पर नदियाँ और नाले, आवागमन ठप
मिली जानकारी के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल करीब स्थित गांव आदी, चौंतरा और सलाच समेत कई इलाकों से गुजरने वाले नोमणी नालों का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही रावी और उज्ज नदियों में भी पानी का स्तर लगातार चढ़ने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
कई मुख्य मार्गों और संपर्क सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। दैनिक आवाजाही के लिए ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
BSF चौकियों के रास्ते जलमग्न
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव आदी के समीप भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) की कुछ अग्रिम चौकियों तक जाने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है। इससे सीमा पर गश्त करने वाले जवानों और BSF अधिकारियों की आवाजाही में भी बाधा आ रही है।
नालों की सफाई न होना बना मुसीबत
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल आई भीषण बाढ़ के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
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- सफाई में लापरवाही: समय रहते नहरों और नोमणी नालों की गाद और जलकुंभी की सफाई नहीं कराई गई।
- निकासी बाधित: नालों में पानी की निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण बारिश का पानी खेतों और सड़कों पर फैल रहा है।
ग्रामीणों की मांग: > “प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करें और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करें, ताकि गांवों को संभावित बाढ़ की तबाही से बचाया जा सके।”











