देवदूत बनी NHAI की टीम: भूस्खलन के बीच फँसे 7 माह के गंभीर शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया
लगातार गिरते पत्थरों और बंद रास्तों के बीच पेट्रोलिंग टीम ने दिखाई अदम्य साहस और तत्परता
कुदरत के कहर और भारी बारिश के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने तत्परता और मानवीय संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे भूस्खलन और बंद रास्तों के बीच फँसे एक 7 महीने के गंभीर मासूम, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर था, को NHAI की पेट्रोलिंग टीम ने अपने वाहन से समय पर अस्पताल पहुँचाकर उसकी जान बचा ली।
दोनों तरफ से बंद था रास्ता, थम रही थीं साँसें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलाके में बीते कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह पहाड़ियों से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे थे। इस वजह से राजमार्ग दोनों ओर से पूरी तरह से बाधित हो गया था। इसी बीच, एक परिवार अपने 7 माह के गंभीर बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल की ओर बढ़ रहा था। बच्चा लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर था और सिलेंडर में ऑक्सीजन सीमित मात्रा में ही बची थी। सड़क बंद होने के कारण परिवार बीच रास्ते में फँस गया और मासूम की साँसें टूटने का खतरा मँडराने लगा।
NHAI पेट्रोलिंग टीम ने निभाई ‘देवदूत’ की भूमिका
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर राहत कार्य में जुटी NHAI की पेट्रोलिंग टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझा। बिना एक पल गँवाए, टीम के कर्मचारियों ने अपनी गश्ती गाड़ी (Patrol Vehicle) के जरिए जोखिम उठाकर रास्ते को किसी तरह पार किया और बच्चे व उसके परिजनों को सुरक्षित निकालकर निकटतम अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर थोड़ी सी भी देरी होती तो मासूम की जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
वायरल वीडियो में दिखी कर्मचारियों की जांबाजी
सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक तरफ पहाड़ियों से जानलेवा पत्थर और मलबा गिर रहा है, वहीं दूसरी तरफ NHAI के जांबाज कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना सड़क बहाली और फँसे हुए यात्रियों की मदद में जुटे हैं।
“हमारा प्राथमिक उद्देश्य केवल सड़कों को साफ करना नहीं, बल्कि राजमार्ग पर सफर कर रहे हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बच्चे को सही समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना हमारी पूरी टीम के लिए सबसे संतोषजनक क्षण था।” > — NHAI अधिकारी
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने NHAI की इस त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की जमकर सराहना की है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दिखाई गई यह तत्परता साबित करती है कि इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।











