उप तहसील धरवाला के जंगल में बेसहारा छोड़े गए गौवंश पर भड़का हिंदू रक्षा मंच, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
चंबा (जितेंद्र मेहरा): उप तहसील धरवाला के अंतर्गत लूणा बाजार से लगभग दो किलोमीटर पीछे रावी नदी के दूसरी तरफ 8 से 10 गौवंश को लावारिस हालत में छोड़े जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर हिंदू रक्षा मंच, हिमाचल प्रदेश ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दुर्गम पहाड़ी पर भूख-प्यास से तड़प रहे गौवंश
हिंदू रक्षा मंच के सदस्यों के अनुसार, रावी नदी के पार जिस जगह गौवंश को छोड़ा गया है, वह बेहद दुर्गम और खड़ी पहाड़ी वाला क्षेत्र है। वहां न तो पशुओं के लिए चारे-पानी की कोई व्यवस्था है और न ही उनके सुरक्षित आवागमन का कोई रास्ता है। ऐसे में यह बेजुबान गौवंश भूख, प्यास और प्राकृतिक खतरों के कारण गंभीर संकट में आ गए हैं।
”10 से 15 दिन पहले भी इसी क्षेत्र में गौवंश को लावारिस छोड़े जाने की शिकायत प्रशासन से की गई थी। उस समय अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन ज़मीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। नतीजतन, दोबारा यह घटना सामने आई है।”
— उत्तम कुमार, सदस्य (हिंदू रक्षा मंच)
हिंदू रक्षा मंच की प्रमुख मांगे:
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: गौवंश को इस तरह बेसहारा छोड़ने वाले असमाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी मामला दर्ज किया जाए।
- सुरक्षित रेस्क्यू: रावी नदी के पार फंसे सभी 8 से 10 गौवंश को तुरंत वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान या गौशाला पहुंचाया जाए।
- सख्त निगरानी: भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में कड़ी निगरानी और गश्त की व्यवस्था की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बेजुबान गौवंश को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।











