NEET-UG पेपर लीक मामला: पीएम मोदी का बड़ा ऐलान; जल्द गठित होंगी ‘फास्ट ट्रैक अदालतें’, दोषियों पर कसेगा शिकंजा
नई दिल्ली : देशभर में NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चौतरफा उठती मांगों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए ‘फास्ट ट्रैक अदालतें’ (Fast-Track Courts) स्थापित करेगी।
’युवाओं का भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’: पीएम मोदी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
“युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
सरकार के अनुसार, मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा अब तक कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन से इन मामलों का निपटारा बिना किसी न्यायिक देरी के तेजी से संभव हो सकेगा।
लोक परीक्षा कानून, 2024 के तहत होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक और नकल जैसे मामलों से निपटने के लिए लागू किए गए ‘लोक परीक्षा कानून, 2024’ (Public Examinations Anti-Cheating Law) के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- सजा और कैद: दोषियों के लिए 3 से 10 वर्ष तक की सख्त जेल का प्रावधान है।
- आर्थिक दंड: अपराध की गंभीरता के आधार पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- अदालतों की संभावित जगह: हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है, लेकिन ये फास्ट ट्रैक कोर्ट दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्रों में स्थापित की जा सकती हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी
प्रधानमंत्री का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों, विभिन्न छात्र संगठनों (CJP, AISA, SFI) और विपक्षी दलों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
सरकार का यह कदम आंदोलित छात्रों को आश्वस्त करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास माना जा रहा है।










