पंजाब में DC दफ्तर कर्मचारियों की 4 दिवसीय हड़ताल शुरू, जनसेवाएं पूरी तरह ठप
- 23 से 26 जुलाई तक पंजाब भर के DC, SDM, तहसील और सब-तहसील दफ्तरों में कामकाज रहेगा बंद।
- 22 जुलाई को पंजाब सरकार द्वारा बैठक न बुलाए जाने से कर्मचारियों में फैला भारी रोष।
- रजिस्ट्री, डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र और NOC जैसे आवश्यक कार्य अटके।
- संघ ने चेतावनी दी—अगर रविवार तक मांगें न मानी गईं, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
पंजाब : पंजाब सरकार द्वारा लंबे समय से लंबित पड़े प्रशासनिक मांगों का समाधान न किए जाने के विरोध में राज्यभर के DC दफ्तर कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। ‘डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन’ के आह्वान पर पठानकोट समेत पूरे पंजाब में 23 जुलाई से 26 जुलाई तक चार दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी गई है। इसके चलते राज्य के सभी डीसी कार्यालयों, एसडीएम कार्यालयों, तहसीलों और सब-तहसीलों में प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।
आश्वासन के बाद भी बैठक न बुलाने से भड़का रोष
यूनियन के सूबा प्रधान सरदार तजिंदर सिंह नंगल ने हड़ताल के मुख्य कारणों का खुलासा करते हुए बताया कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर पंजाब के माल मंत्री (Revenue Minister) के साथ 30 जून और 8 जुलाई को दो दौर की बैठकें हो चुकी थीं।
”8 जुलाई की बैठक में माल मंत्री ने आश्वासन दिया था कि मांगों पर तेजी से कार्रवाई चल रही है और 22 जुलाई को अंतिम निर्णय के लिए पुनः बैठक बुलाई जाएगी। परंतु, निर्धारित तिथि (22 जुलाई) को सरकार द्वारा बैठक आयोजित नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया। इसके बाद यूनियन को विवश होकर राज्यव्यापी कामबंद हड़ताल का कड़ा फैसला लेना पड़ा।”
— सरदार तजिंदर सिंह नंगल, सूबा प्रधान (डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन)
आम जनता की बढ़ी परेशानी, कई तरह के काम अटके
23 से 26 जुलाई तक चलने वाली इस पूर्ण हड़ताल के कारण आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन होने वाले नियमित सरकारी कार्य पूरी तरह बंद पड़े हैं। विशेष रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रभावित हुई हैं:
- जमीनों की रजिस्ट्री (Property Registration)
- डोमिसाइल (निवास प्रमाण पत्र)
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
- एनओसी (NOC) जारी करना
- अन्य दैनिक प्रशासनिक कार्य
दफ्तरों में अपने काम करवाने पहुंच रहे लोग बिना काम कराए वापस लौटने को मजबूर हैं।
रविवार तक का अल्टीमेटम: संघर्ष और तेज करने का ऐलान
यूनियन के सूबा प्रधान ने पंजाब सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक सरकार उनकी जायज मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो यूनियन की आपातकालीन बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो इस राज्यव्यापी संघर्ष को और अधिक उग्र एवं तेज किया जाएगा।










