चंबा में मूसलाधार बारिश से उफान पर उदीन नाला, उफनते तेज बहाव में फंसे मनरेगा मजदूर, ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला
- रावी और सहायक नाले रौद्र रूप में; नाले के तेज बहाव में बहे सड़क और फुटपाथ, मुख्य मार्ग से कटा संपर्क।
- स्थानीय लोगों का अदम्य साहस: जान जोखिम में डालकर चलाया राहत अभियान, टला बड़ा हादसा।
- प्रशासन अलर्ट मोड पर; DC मुकेश रेप्सवाल ने नदी-नालों के पास न जाने की अपील की।
चंबा (जितेंद्र मेहरा): चंबा जिले में गुरुवार सुबह से जारी लगातार मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। बारिश के कारण जिले की प्रमुख रावी नदी समेत तमाम सहायक नाले उफान पर हैं। इसी दौरान उदीन नाले का जलस्तर अचानक अत्यधिक बढ़ जाने से नाले के दूसरे छोर पर काम कर रहे मनरेगा मजदूर वहीं फंस गए। नाले के प्रचंड और खतरनाक बहाव में सड़क और फुटपाथ का हिस्सा पूरी तरह बह गया, जिससे मजदूरों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया और मौके पर स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई।
नाले का बहाव इतना तेज और डरावना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए बिना किसी सहायता के इसे पार करना नामुमकिन था। संकट की इस घड़ी में स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस, सूझबूझ और एकजुटता का परिचय दिया। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत राहत अभियान शुरू किया और उफनते नाले के बीच से सभी फंसे हुए मजदूरों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों की इस तत्परता और बहादुरी के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
खराब मौसम में नदी-नालों के पास न जाएं: DC मुकेश रेप्सवाल
घटना और जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त (DC) चंबा मुकेश रेप्सवाल ने आम जनता और पर्यटकों से अपील करते हुए कहा:
“जिले में लगातार बारिश के चलते सभी नदियां और नाले उफान पर हैं। खराब मौसम के दौरान कोई भी व्यक्ति नदी-नालों के आसपास जाने की भूल न करे और न ही अनावश्यक जोखिम उठाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”










