हिमाचल प्रदेश में लगातार भूकंप से दहशत: 5 दिनों में तीसरी बार हिली धरती, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में महसूस हुए झटके
धौलाधार की पहाड़ियों में था केंद्र, रिक्टर स्केल पर 3.0 और 2.8 मापी गई तीव्रता

शिमला/कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। देवभूमि में पिछले 5 दिनों के भीतर तीसरी बार धरती कांपी है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि तीव्रता कम होने के कारण जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

बुधवार सुबह: करेरी गांव के पास कांपी धरती
बुधवार सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर जिला कांगड़ा और चम्बा की सीमा पर स्थित करेरी गांव और आसपास के इलाकों में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया।
- तीव्रता: रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.0 दर्ज की गई।
- केंद्र: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र बिंदु धौलाधार रेंज की पीयूरा धार रही। झटका महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए।
बुधवार रात: कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में दोबारा हलचल
सुबह के झटके के बाद बुधवार रात को एक बार फिर सूबे के कई हिस्सों में धरती हिल गई। रात 8 बजकर 04 मिनट पर कांगड़ा और जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति सहित कई इलाकों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।
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- तीव्रता: रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 रही।
- केंद्र: इस दूसरे भूकंप का केंद्र भी कांगड़ा क्षेत्र ही दर्ज किया गया।
बॉक्स न्यूज: 5 दिन में 3 झटके, बढ़ रही है चिंता
भूगर्भ वैज्ञानिकों और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में पिछले 5 दिनों के भीतर यह तीसरा भूकंप है। बार-बार आ रहे इन कम तीव्रता के झटकों ने वैज्ञानिकों को भी अलर्ट कर दिया है, क्योंकि कांगड़ा और चम्बा के कई इलाके भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील (सीस्मिक जोन 4 और 5) माने जाते हैं।

प्रशासन की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें
लगातार आ रहे झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने यानी न घबराने की अपील की है। आपदा प्रबंधन सेल ने लोगों को जागरूक रहने और भूकंप के समय बरती जाने वाली सावधानियों (जैसे खुले मैदान में जाना, मजबूत मेज के नीचे छिपना) का पालन करने की सलाह दी है।







