देव टिब्बा की पहाड़ियों में बड़ा पैराग्लाइडिंग हादसा, ब्रिटिश पायलट गंभीर रूप से घायल
बीड़-बिलिंग से भरी थी क्रॉस-कंट्री उड़ान; वायुसेना के चीता हेलीकॉप्टर ने बेहद जोखिम भरे हालात में किया एयरलिफ्ट, PGI चंडीगढ़ रेफर

कुल्लू/मनाली: हिमाचल प्रदेश के मनाली के समीप अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र देव टिब्बा में एक बार फिर बड़ा पैराग्लाइडिंग हादसा सामने आया है। बीड़-बिलिंग से क्रॉस-कंट्री उड़ान पर निकले यूनाइटेड किंगडम (UK) के एक ब्रिटिश नागरिक जॉर्ज रिचमंड गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल पायलट को भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद से बेहद जोखिम भरे हालात में एयरलिफ्ट कर बचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है।
उड़ान के दौरान अचानक खोया नियंत्रण
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जॉर्ज रिचमंड 5 विदेशी पायलटों के एक समूह का हिस्सा थे। इस समूह ने कांगड़ा जिले के विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से देव टिब्बा क्षेत्र तक लंबी दूरी की क्रॉस-कंट्री उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान अचानक रिचमंड का पैराग्लाइडर अनियंत्रित हो गया और देव टिब्बा की पथरीली व ढलान वाली पहाड़ियों में जा गिरा।
साथी पायलटों की मुस्तैदी से बची जान > दुर्घटना होते ही साथ उड़ रहे अन्य विदेशी पायलटों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत इसकी सूचना मनाली प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग के कर्मियों और स्थानीय रेस्क्यू टीमों ने एक संयुक्त खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) शुरू किया।

पैदल पहुंचे बचाव दल, वायुसेना ने संभाला मोर्चा
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम पैदल ही दुर्गम पहाड़ियों को पार कर घायल पायलट तक पहुंची। टीम ने रिचमंड को मौके पर ही प्रारंभिक चिकित्सा सहायता दी और स्ट्रेचर के सहारे एक सुरक्षित समतल स्थान पर लेकर आए। हालांकि, क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं और चोट की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारतीय वायुसेना से संपर्क किया गया।
वायुसेना के जांबाज पायलटों ने चीता हेलीकॉप्टर के जरिए बेहद खतरनाक परिस्थितियों के बीच घायल ब्रिटिश नागरिक को एयरलिफ्ट किया और भुंतर हवाई अड्डे पहुंचाया, जहां से उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया।

प्रशासन का बयान
”भुंतर हवाई अड्डे पर लाते ही विदेशी नागरिक को तुरंत त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई थी। चूंकि उनकी चोटें काफी गंभीर थीं, इसलिए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से चंडीगढ़ भेज दिया गया है, जहां उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।”
— अनुराग चंद्र शर्मा, डीसी कुल्लू







