पठानकोट के वार्ड नंबर 12 में बदहाली और समस्याओं का अंबार: श्मशान घाट तक जाने के लिए भी नहीं बचा रास्ता, सीवरेज ओवरफ्लो से लोग परेशान
पठानकोट का वार्ड नंबर 12 काफी समय से अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। न तो इस वार्ड में चलने के लिए सही सड़कें हैं और न ही सीवरेज की समस्या का कोई स्थायी समाधान हुआ है। यहां के लोगों को बुनियादी सहूलियतें भी नहीं मिल पा रही हैं। हाल ही में यहां एक ऐसा मामला सामने आया जिसने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया। यहां एक शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए रास्ता तक नहीं मिला, जिसके चलते खराब रास्तों और हालातों के कारण उसे दो किलोमीटर दूर भद्रोवा में जाकर जलाना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वार्ड में पैदल चलना भी दूभर हो गया है। ओवरलोडेड ट्रक और स्कूल बसें भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडराता रहता है। इसके अलावा, वार्ड में सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। कई बार प्रशासन और कॉरपोरेशन के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र कभी पठानकोट तो कभी सुजानपुर या वार्ड नंबर 12 के अंतर्गत आता है, जिसके कारण विकास कार्यों को लेकर हमेशा असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय निवासियों और वार्ड के प्रतिनिधियों ने प्रशासन, एसडीओ, जेई और डीसी मैडम से पुरजोर मांग की है कि इस क्षेत्र की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके और मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से मिल सकें।










