एक साल बाद भी इंसाफ नहीं मिलने पर एसएपी कार्यालय के बाहर बैठी बेबस मां, बेटे की मौत को बता रही हत्या
पठानकोट में जवान बेटे को खो चुकी एक बेबस मां को करीब एक साल बीत जाने के बाद भी जब इंसाफ नहीं मिला, तो उसका दर्द सड़क पर आक्रोश बनकर फूट पड़ा। गांव माजरा की रहने वाली पीड़ित महिला बलविंदर कौर अपनी बेटी मनप्रीत कौर के साथ एसएसपी कार्यालय पठानकोट के बाहर सड़क पर धरना लगाकर बैठ गईं। पीड़ित महिला का आरोप है कि गांव कीड़ियां के पास उनके बेटे की सोची-समझी साजिश के तहत बेरहमी से हत्या की गई थी, लेकिन पुलिस मामले को महज एक सड़क दुर्घटना साबित करने पर तुली हुई है। महिला ने 20 मिनट सड़क पर बैठकर धरना लगाया तो एसएसपी ने मां-बेटी को अंदर बुलाकर मामले की दोबारा जांच का भरोसा दिलवाया, जिसके बाद महिला सड़क से उठी।
बता दें, बलविंदर कौर के बेटे गोल्ड सिंह (34) की मौत 6 दिसंबर 2025 को हुई थी। थाना तारागढ़ में इस बाबत मामला दर्ज किया गया था, जिसके मुताबिक गोल्ड सिंह की मौत सड़क हादसे में हुई बताई गई है। पुलिस ने ये मामला गोल्ड के भाई तोता राम की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। तारागढ़ पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन, गोल्ड की माता बलविंदर कौर का कहना है कि उसकी जान किसी हादसे में नहीं गई, बल्कि उसका कत्ल किया गया है। अगर पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच करे तो सच्चाई सामने आ सकती है।
धरने पर बैठी पीड़ित मां बलविंदर कौर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनका बेटा गांव के ही कुछ स्थानीय युवकों के साथ मिलकर पानी के बोर निकालने का काम करता था। इस दौरान उनके बेटे का एक गुज्जर परिवार की लड़की के साथ प्रेम-संबंध हो गया था। पीड़िता ने दावा किया कि लड़की मेरे बेटे से शादी करना चाहती थी और उसने थाने में भी दो बार अपने बयान दर्ज कराए थे कि वह इस शादी के लिए राजी थी। लेकिन लड़की का पिता और अन्य परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। बलविंदर कौर का आरोप है कि लड़की के परिवार ने ही रंजिश के तहत उनके बेटे की हत्या करवा دی और शव को सड़क किनारे फेंक दिया।
महिला ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह एक्सीडेंट था, तो उसके बेटे का सिर धड़ से अलग होकर दूर कैसे पड़ा मिला? क्या वह किसी ट्रेन से टकराया था? पुलिस एक बार भी मौके पर जांच करने नहीं गई। महिला ने कहा कि जब भी हम दफ्तर आते हैं, हमें टरका दिया जाता है। आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे हमारे दूसरे बेटे को भी मारने की धमकियां दे रहे हैं। इस सदमे और दुख के कारण मेरे बेटे की पत्नी और घर के अन्य सदस्य भी दुनिया छोड़ चुके हैं, हमारा पूरा घर बर्बाद हो गया है।
पीड़ित की बेटी मनप्रीत कौर ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हम सुबह से यहां चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी कहते हैं कि हम अपनी मर्जी के मालिक हैं, जब दिल करेगा तब आएंगे। अगर पुलिस सुनवाई नहीं करेगी, तो आम जनता कहां जाएगी? युवती ने कहा कि उसकी मां एक साल से थानों के चक्कर काट-काटकर थक चुकी है। आज मजबूर होकर हमें धरने पर बैठना पड़ा। जब हमने आवाज उठाई, तो उल्टा हम पर ही पर्चा करने की धमकियां दी गईं। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि आरोपी खुलेआम नशे (चिट्टे) का कारोबार करते हैं और हथियार लेकर घूमते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनके अवैध मकान ढहाए जाएं और परिवार को इंसाफ व सुरक्षा दी जाए।
पूरे मामले पर पठानकोट के एसपी (इन्वेस्टिगेटेशन) विशालजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला द्वारा उठाए गए मामले का संज्ञान ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना मामला है, जिस पर पीड़िता के बयानों के आधार पर थाना तारागढ़ में मामला दर्ज किया गया था और पुलिस द्वारा जांच की गई थी। आज महिला द्वारा दी गई पुनरीक्षण याचिका को सुन लिया गया है। महिला द्वारा लगाए गए सभी नए आरोपों की दोबारा से निष्पक्षता से जांच की जाएगी। जांच पूरी तरह से ‘ऑन मेरिट’ और बिना किसी दबाव के होगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और यदि आरोपी निर्दोष पाए जाते हैं तो उसी अनुसार फैसला होगा।










