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धर्मशाला के सिंथैटिक ट्रैक पर मिले परफॉर्मेंस एनहांसिंग ड्रग्स के इंजेक्शन और शराब की बोतलें, खेल जगत में मचा हड़कंप

धर्मशाला के सिंथैटिक ट्रैक पर मिले परफॉर्मेंस एनहांसिंग ड्रग्स के इंजेक्शन और शराब की बोतलें, खेल जगत में मचा हड़कंप

​धर्मशाला के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सिंथैटिक ट्रैक परिसर में शौचालय के पास परफॉर्मेंस एनहांसिंग ड्रग्स के इंजेक्शन और कूल लिप के खाली पाऊच मिलने से पूरे खेल जगत में सनसनी फैल गई है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और अनुशासित खेल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री मिलने से कई गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, और मामला सामने आने के बाद जिला खेल एवं सेवा विभाग भी पूरी तरह हरकत में आ गया है।

​ताज्जुब की बात यह है कि इन दिनों इसी स्टेडियम में 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स मीट का भव्य आयोजन चल रहा है, जिसमें हिमाचल प्रदेश भर से आए सैकड़ों छात्र-छात्राएं पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा, रोजाना सुबह और शाम दर्जनों स्थानीय युवा भी सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए इसी मैदान पर कठिन अभ्यास करते हैं। इतनी महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय प्रतियोगिता और बड़ी संख्या में युवाओं की निरंतर आवाजाही के बीच परिसर में इस तरह की संदिग्ध और प्रतिबंधित सामग्री का मिलना खेल प्रेमियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों की चिंता को लगातार बढ़ा रहा है।

​विशेषज्ञों का मानना है कि परफॉर्मेंस एनहांसिंग ड्रग्स के इस्तेमाल से खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमता को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का प्रयास करते हैं, जो न केवल खेल की निष्पक्षता और नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि पूरे खेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे स्थापित होने के बावजूद इस प्रकार की संदिग्ध सामग्री का मिलना सीधे तौर पर वहां की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।

​सिंथैटिक ट्रैक जैसे पवित्र और अनुशासित स्थान पर केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि शराब की खाली बोतलें और कूल लिप के रैपर बिखरे होना भी पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। खेल परिसरों को हमेशा युवाओं के लिए अनुशासन, ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत माना जाता है, लेकिन वहां इस तरह की आपत्तिजनक सामग्रियां मिलना न केवल स्वच्छता की भारी अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि वहां अभ्यास करने आने वाले मासूम युवा खिलाड़ियों के कोमल मन पर भी इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी को तत्काल दुरुस्त करना चाहिए।

​आपको बता दें कि धर्मशाला का यह सिंथैटिक ट्रैक अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति और अनुकूल जलवायु के कारण देशभर के एथलीटों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां की शुद्ध आबोहवा और मध्यम तापमान में अभ्यास करने से धावकों का स्टैमिना तेजी से विकसित होता है, जिसके चलते राष्ट्रीय शिविरों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी भी यहां महीनों डेरा जमाकर अपनी प्रैक्टिस करते हैं। यहां अभ्यास करने के लिए खिलाड़ी निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करते हैं, लेकिन अब परिसर की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगने से बाहर से आने वाले प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के मन में भी सुरक्षा और खेल की पारदर्शिता को लेकर गंभीर संशय पैदा होने लगा है।

​इस पूरे गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला खेल अधिकारी कांगड़ा रविशंकर ने कहा है कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है और इसकी बेहद गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि स्टेडियम परिसर की गरिमा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक और ठोस कदम उठाने होंगे, वे जल्द से जल्द उठाए जाएंगे।

​वहीं, एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा का कहना है कि पुलिस अपने स्तर पर पूरे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की कड़ी चेकिंग करेगी और वहां पुलिस गश्त को भी काफी बढ़ा दिया जाएगा। चूंकि यह परिसर मुख्य रूप से खेल विभाग के अधीन आता है, इसलिए इसके भीतर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर निगरानी रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी खेल विभाग की है, इसके बावजूद पुलिस इस पूरे मामले की अपने स्तर पर गहराई से जांच कर नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।

Ami News
Author: Ami News

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