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दो माह के बैन के बाद बाजारों में लौटी पोंग झील की स्वादिष्ट मछली; पहले ही दिन 17.23 मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन

नूरपुर: दो माह के बैन के बाद बाजारों में लौटी पोंग झील की स्वादिष्ट मछली; पहले ही दिन 17.23 मीट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन

​नूरपु – ऋषि महाजन):दो महीने के मानसून प्रतिबंध (मत्स्य आखेट बैन) के समाप्त होते ही पोंग झील में एक बार फिर मछुआरों की नावें उतर आई हैं और मशहूर पोंग झील की स्वादिष्ट मछली बाजारों में लौट आई है। मत्स्य आखेट पर से बैन हटते ही पहले दिन 17.23 मीट्रिक टन मछली का बंपर उत्पादन दर्ज किया गया है, जिससे लगभग 2500 स्थानीय मछुआरों के रोजगार और आजीविका का रास्ता साफ हो गया है।

​सिंघाड़ा और रोहू का दबदबा

पहले ही दिन मंडियों में सबसे अधिक आवक सिंघाड़ा मछली की रही, जो कुल उत्पादन का लगभग 47 प्रतिशत रही। इसके बाद रोहू मछली लगभग 34 प्रतिशत आवक के साथ दूसरे स्थान पर रही।

​राज्य मछली ‘गोल्डन महाशीर’ के उत्पादन में दोगुना उछाल

विभाग और स्थानीय लोगों के लिए सबसे राहत की खबर यह है कि विलुप्त होने की कगार पर पहुँच चुकी राज्य मछली ‘गोल्डन महाशीर’ (सुनहरी महाशीर) के उत्पादन में दोगुने से भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मत्स्य विभाग, पोंग जलाशय मंडल (कांगड़ा) के सहायक निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि:

​“पिछले वर्ष महाशीर का उत्पादन जहाँ 1.5 प्रतिशत था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 3.6 प्रतिशत हो गया है। जोगिंदर नगर में स्थापित राष्ट्रीय स्तर के फार्म से सहायक नदियों में उंगलिकाओं (फिंगरलिंग्स) के संग्रहण से यह सकारात्मक बदलाव आया है।”

​अवैध शिकार पर सख्त कार्रवाई, ₹2 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

बैन सीजन (16 जून से 15 अगस्त) के दौरान मत्स्य विभाग ने अवैध शिकार पर कड़ी नजर रखी। इस अवधि में अवैध शिकार के कुल 195 मामले दर्ज किए गए और उल्लंघन करने वालों से ₹2,02,100 का जुर्माना वसूला गया (जिसमें ₹6,500 मूल्य की नीलामी भी शामिल है)। विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अवैध शिकार के मामलों में कमी आई है।

​व्यापारियों में उत्साह, हावड़ा व कोलकाता तक मांग

मछली ठेकेदारों और स्थानीय विक्रेताओं ने बताया कि पोंग झील की मछली केवल स्थानीय बाजारों में ही नहीं, बल्कि हावड़ा, दिल्ली और कोलकाता तक भेजी जा रही है। दो महीने तक दुकानें बंद रहने के बाद काम फिर से शुरू होने से व्यापारियों और खरीदारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

​मछुआरों से अपील

मत्स्य विभाग ने सभी मछुआरों से नियमों का सख्ती से पालन करने, केवल निर्धारित मत्स्य अवतरण केंद्रों पर ही मछली लाने और छोटी मछलियों का शिकार न करने की अपील की है, ताकि पोंग झील में संरक्षण और उत्पादन का संतुलन बना रहे।

Ami News
Author: Ami News

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