सुरक्षा पर भारत-उज़्बेकिस्तान सहमति: आतंकवाद से निपटने के लिए बनाएंगे साझा रणनीति
भारत और उज़्बेकिस्तान ने आतंकवादी खतरों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत करने तथा राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने काउंटर-टेररिज्म पर बने अपने संयुक्त कार्य समूह (जॉइंट वर्किंग ग्रुप) की 10वीं बैठक के दौरान आतंकी समूहों द्वारा पैदा हो रहे खतरों और मौजूदा व नई चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
22 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक के दौरान मुख्य रूप से कट्टरपंथ और आतंकवाद पर लगाम लगाने, टेरर फंडिंग (आतंकवाद के वित्तपोषण) को रोकने और आतंकवादी उद्देश्यों के लिए तकनीक के दुरुपयोग को रोकने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने सीमा पार संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच के आपसी संबंधों का भी जायजा लिया।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने खुफिया जानकारी साझा करने, संबंधित संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ बेहतरीन प्रथाओं का आदान-प्रदान करके द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN), शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी ढांचे और मनी लॉन्ड्रिंग व टेरर फंडिंग के खिलाफ यूरेशियन ग्रुप के दायरे में लगातार सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रालय के मुताबिक, इस संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक दोनों पक्षों की आपसी सहमति की तिथि पर उज़्बेकिस्तान में आयोजित होगी।











