टाइगर श्रॉफ कार फायरिंग केस: कोटा से मुंबई लाए गए तीन मुख्य आरोपी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तार
मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज मामले में पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों को बुधवार सुबह राजस्थान के कोटा से सड़क मार्ग द्वारा मुंबई लाया गया। मुंबई पहुंचते ही पुलिस ने सबसे पहले उनका जीटी अस्पताल में अनिवार्य मेडिकल चेक-अप कराया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल कार्यालय भेज दिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान उर्फ सुक्का, मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले और मुंबई में निवासरत रितिक कुर्मी उर्फ रोशन, तथा हरियाणा के ही फूल सिंह के रूप में हुई है। कोटा शहर की पुलिस ने इन तीनों को औपचारिक रूप से मुंबई पुलिस के हवाले किया, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें मुंबई लाया गया और अदालत में पेश किया गया। इस बीच, बुधवार सुबह वकील अजिंक्य मिरगल ने एंटी-एक्सटॉर्शन सेल कार्यालय पहुंचकर इस मामले में आरोपियों की ओर से बतौर बचाव पक्ष के वकील के रूप में पैरवी करने की जानकारी दी।
गौरतलब है कि पिछले रविवार शाम जुहू इलाके में कम से कम दो हमलावरों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाते हुए पांच से छह राउंड गोलियां चलाई थीं और इसके बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए थे। हालांकि इस हमले में अभिनेता तो पूरी तरह सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और घटनास्थल पर मौजूद एक राहगीर घायल हो गए थे। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बाद में अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में बरामद हुई थी। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागकर सूरत पहुंचे थे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए थे, जबकि उनकी योजना आगे बस के जरिए दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी। इस मामले में मुंबई पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी रेहान विदेश में छिपे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित गुर्गे अनिल पंडित के संपर्क में था, और इसी गैंग ने सोशल मीडिया पर एक अपुष्ट पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस बीच, मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी इस साजिश का दायरा बढ़ाते हुए चार अन्य संदिग्धों को दिल्ली और हरियाणा से दबोचा है, जिनमें कुणाल, सुमित, राधा और बबीता नामक दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित के निर्देश पर ही कुणाल और सुमित ने अमृतसर से हथियार और कारतूस जुटाए थे, जबकि राधा और बबीता पर इन्हें मुंबई तक पहुंचाने का संदेह है। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस जानलेवा हमले के असली मकसद का पूरी तरह से खुलासा हो सके।











