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पंजाब में केमिकल से पनीर बनाने का बड़ा खुलासा: मात्र 5 मिनट में तैयार, सेहत के लिए जानलेवा

सावधान! पंजाब की थाली में ‘सफेद जहर’: 5 मिनट में पनीर तैयार करने के लिए हो रहा जानलेवा केमिकल का खेल

लुधियाना/मोगा: अगर आप पनीर खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। पंजाब में ‘डेयरी माफिया’ अधिक मुनाफे के लालच में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि दूध को फाड़ने के लिए अब नींबू या सिरके की जगह खतरनाक रसायनों (केमिकल्स) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुनाफे का गणित: 20% ज्यादा पैदावार, पर जान पर भारी

​बाजार में बिक रहा यह केमिकल इतना शक्तिशाली है कि यह मात्र 5 मिनट में पनीर तैयार कर देता है। पारंपरिक तरीके के मुकाबले इस केमिकल से पनीर की मात्रा (क्वांटिटी) 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। लुधियाना और मोगा के बाजारों में यह रसायन खुलेआम ‘पनीर तोड़ने वाले पानी’ के नाम से बिक रहा है। कहीं-कहीं तो दुकानदार इसे ‘नकली सिरका’ बताकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं।

हेल्थ अलर्ट: पेट से लेकर किडनी तक को खतरा

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मिलावटी पनीर को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों के अनुसार, इस केमिकल युक्त पनीर के सेवन से शरीर पर निम्नलिखित घातक प्रभाव पड़ सकते हैं:

  • अल्सर का खतरा: पेट और आंतों में घाव या गंभीर अल्सर हो सकते हैं।
  • अंगों की विफलता: लिवर में सूजन (हेपेटाइटिस) और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति।
  • हड्डियों की कमजोरी: यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को रोककर बोन डेंसिटी को कम करता है।
  • बच्चों पर असर: बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में गंभीर रुकावट।

नियमों की धज्जियां: जांच में नहीं मिला ‘फूड ग्रेड’ एसिड

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन 2011 के स्पष्ट निर्देश हैं कि पनीर बनाने के लिए केवल सिट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड या सिरके का ही प्रयोग किया जा सकता है।

चौंकाने वाला खुलासा: पंजाब हॉर्टिकल्चर पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सेंटर की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बाजार में बिक रहे इस घोल में इनमें से कोई भी स्वीकृत तत्व मौजूद नहीं था। यह पूरी तरह से नॉन-फूड ग्रेड एसिड है, जो इंसान के उपभोग के लिए बना ही नहीं है।

कैसे पहचानें मिलावटी पनीर?

​विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि पनीर खरीदते समय सावधानी बरतें:

  1. ज्यादा सफेदी: अगर पनीर जरूरत से ज्यादा सफेद और चमकदार दिखे, तो सतर्क हो जाएं।
  2. रबड़ जैसा खिंचाव: केमिकल वाला पनीर अक्सर रबड़ की तरह खिंचता है या बहुत ज्यादा सख्त होता है।
  3. आयोडीन टेस्ट: पनीर के एक छोटे टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन डालें। अगर यह नीला पड़ जाए, तो समझ लें कि इसमें मिलावट है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल:

बाजारों में खुलेआम बिक रहे इस ‘सफेद जहर’ ने फूड सेफ्टी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विभाग बड़े डेयरी माफियाओं पर नकेल कस पाएगा या आम जनता की जान इसी तरह जोखिम में बनी रहेगी?

Ami News
Author: Ami News

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