बैसाखी की खुशियां मातम में बदलीं: ब्यास में डूबे छात्र कृष का शव चौथे दिन बरामद

इंदौरा (कांगड़ा): बैसाखी के पावन पर्व पर ब्यास नदी के तट पर पूजा करने आया परिवार क्या जानता था कि यह दिन उनके जीवन का सबसे काला दिन बन जाएगा। इंदौरा के पास ब्यास नदी में डूबे 11वीं कक्षा के छात्र कृष का शव शुक्रवार सुबह, यानी हादसे के चौथे दिन बरामद कर लिया गया है। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
हादसे का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृष बैसाखी के अवसर पर अपने परिवार के साथ ब्यास नदी के किनारे पूजा-अर्चना के लिए पहुंचा था। इसी दौरान वह नदी में स्नान करने के लिए उतरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी का बहाव तेज होने और गहराई का अंदाजा न होने के कारण कृष अचानक अपना संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते लहरों में विलीन हो गया।

चार दिनों तक चला सघन सर्च ऑपरेशन
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया, जिसके बाद एनडीआरएफ (NDRF), पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने मोर्चा संभाला।
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- बुधवार: एनडीआरएफ के 19 जवानों ने करीब 8-9 किलोमीटर के दायरे में तलाशी ली, लेकिन सफलता नहीं मिली।
- गुरुवार: दिनभर चले अभियान के बावजूद छात्र का कोई सुराग नहीं लग पाया।
- शुक्रवार: सुबह जैसे ही दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, कृष का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया।
“प्रशासन और NDRF की टीमों ने कड़ी मशक्कत की, लेकिन आज सुबह शव बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगामी कार्रवाई जारी है।”
— स्थानीय पुलिस अधिकारी

क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
जैसे ही कृष का शव नदी से बाहर निकाला गया, वहां मौजूद माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 11वीं कक्षा के होनहार छात्र की इस तरह असामयिक मृत्यु से हर आंख नम है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, जिसके बाद इसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा।

संपादकीय टिप्पणी: नदियों के किनारे त्योहार मनाते समय विशेष सावधानी बरतें। पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा न होने पर गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।







