वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

पंजाब में राशन माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक: अब QR कोड स्कैन करने पर ही मिलेगा गेहूं

पंजाब: राशन माफिया पर कसेगा शिकंजा, अब QR कोड स्कैन करने पर ही मिलेगा गेहूं

‘सुधार 2’ योजना के तहत विभाग का बड़ा फैसला; आधार से लिंक होंगे मोबाइल नंबर, कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पंजाब भर में राशन कार्ड धारकों के हक पर डाका डालने वाले ‘राशन माफिया’ और डिपो होल्डरों की मनमानी के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। विभाग द्वारा ‘सुधार 2’ योजना के तहत एक ऐसा ‘जुगाड़’ लगाया गया है जिससे गेहूं की कालाबाजारी और गोलमाल का खेल पूरी तरह ठप हो जाएगा। इस योजना के तहत अब सभी पात्र परिवारों के आधार कार्ड को उनके मोबाइल नंबर से लिंक किया जा रहा है।

फिंगरप्रिंट की जगह लेगा QR कोड

​नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राशन डिपुओं पर राशन लेने के लिए अब अंगूठा लगाने (फिंगरप्रिंट) की अनिवार्यता खत्म हो सकती है। विभाग लाभपात्र परिवारों को स्मार्ट राशन कार्ड जारी करेगा, जिन पर QR कोड अंकित होगा। डिपो पर गेहूं लेने पहुंचते ही इस कोड को स्कैन किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

सीधे मोबाइल पर आएगा संदेश, नहीं चलेगी डिपो होल्डर की मनमानी

​अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि डिपो होल्डर यह कहकर कार्ड धारकों को गुमराह करते हैं कि पीछे से गेहूं कम आया है या ई-केवाईसी न होने के कारण सदस्यों के नाम कट गए हैं। अब इस झूठ का पर्दाफाश होगा।

  • पारदर्शिता: जैसे ही विभाग गेहूं जारी करेगा, लाभपात्र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा।
  • पूरी जानकारी: मैसेज में स्पष्ट होगा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के तहत आपके परिवार के कितने सदस्यों के लिए कुल कितने किलो गेहूं भेजा गया है।
  • झोल खत्म: इससे डिपो होल्डर अब अपनी मर्जी से राशन नहीं काट पाएंगे।

ई-केवाईसी का काम अंतिम चरण में

​विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक परिवार की ई-केवाईसी (e-KYC) का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब ‘सुधार 2’ योजना के माध्यम से सारा डाटा विभाग के पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा भेजा गया राशन सीधे असली हकदार की रसोई तक पहुंचे।

अधिकारियों का पक्ष:

“गरीबों के हिस्से की गेहूं की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘सुधार 2’ योजना के तहत आधार और मोबाइल नंबर को लिंक कर डाटा अपडेट किया जा रहा है। इससे व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी और विवादों का अंत होगा।”

लखबीर सिंह संधू और सरताज सिंह चीमा, (कंट्रोलर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग)

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!