मानहानि मामला: सुखबीर बादल को पेशी से मिली निजी छूट, 15 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को 9 साल पुराने एक मानहानि मामले में जिला अदालत से राहत मिली है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने सुखबीर बादल की व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी को स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की गई है।

रैली के चलते नहीं हो सके पेश
अदालत में सुखबीर बादल के वकील के माध्यम से दायर की गई अर्जी में बताया गया कि 6 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान सुखबीर सिंह बादल को बठिंडा के मलोट रोड पर आयोजित शिरोमणि अकाली दल की एक विशाल राजनीतिक रैली में शामिल होना था।

अर्जी में दलील दी गई कि:
- रैली में सुखबीर सिंह बादल की उपस्थिति अनिवार्य थी।
- उनकी अनुपस्थिति से दूर-दराज से आए कार्यकर्ताओं और लोगों को निराशा हाथ लगती।
- इससे कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

अदालत को दिलाया भरोसा
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में रैली का विज्ञापन (इश्तिहार) भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया। वकील ने अदालत को यह भरोसा दिलाया कि सुखबीर बादल अगली तय तिथि यानी 15 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहेंगे। अदालत ने तथ्यों और परिस्थितियों को रिकॉर्ड में लेते हुए उन्हें एक दिन की हाजिरी माफी (छूट) प्रदान कर दी।








