चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर धमाका: पंजाब पुलिस ने दो और मुख्य आरोपी दबोचे, ISI और विदेशी हैंडलर्स का हाथ

चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर:पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए धमाके के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोरिंडा निवासी अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक पिस्टल भी बरामद की है।
वारदात का लाइव वीडियो भी बनाया
जांच में सामने आया है कि घटना के समय अमनप्रीत सिंह ने ही भाजपा कार्यालय के बाहर बम फेंका था, जबकि उसका साथी गुरतेज सिंह इस पूरी वारदात का मोबाइल पर वीडियो बना रहा था। पुलिस इस वीडियो और आरोपियों के मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पर्दाफाश हो सके।
ISI और पुर्तगाल कनेक्शन का खुलासा
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, इस पूरे मॉड्यूल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त था। यह नेटवर्क पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे विदेशी हैंडलर्स के सीधे निर्देशों पर काम कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
इससे पहले पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान निम्नलिखित है:
- बलविंदर लाल उर्फ शम्मी (माजरी)
- जसवीर सिंह उर्फ जस्सी (भरापुर)
- चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी (सुजावलपुर)
- रूबल चौहान (शिमला)
- मंदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (धुरी)
हथियारों की बड़ी खेप बरामद
एआईजी (एसएसओसी) दीपक पारिक के अनुसार, आरोपियों ने हैंड ग्रेनेड, अत्याधुनिक .30 बोर जिगाना पिस्टल और जिंदा कारतूस की एक खेप मंगवाई थी। यह खेप कई ‘कट-आउट’ और स्थानीय गुंडों के माध्यम से अंतिम आरोपियों तक पहुंचाई गई थी। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क था जिसे पुर्तगाल स्थित हैंडलर के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था।

फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में एसएसओसी (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल) थाना, एसबीएस नगर में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की टीमें फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस मॉड्यूल के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
बड़ी बात: पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद विदेशी हथियारों को जांच के लिए भेजा है। पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे हैंडलर्स की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।








