बेटे की जिद ने ली जान: मासूम की हत्यारी माँ को उम्रकैद
सोहल जगीर हत्याकांड: अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

गांव सोहल जगीर में चार साल पहले हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपने ही 6 वर्षीय मासूम बेटे अर्शप्रीत सिंह की बेरहमी से हत्या करने वाली कलयुगी माँ, कुलविंदर कौर को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

क्या था पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना 8 जून 2020 की है। जानकारी के मुताबिक, 6 साल का अर्शप्रीत सिंह अपनी दादी चरणजीत कौर से बहुत लगाव रखता था। वह अक्सर अपनी दादी के पास ही सोने की जिद किया करता था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर तनाव रहता था और आरोपी माँ कुलविंदर कौर अक्सर चिड़चिड़ी रहती थी।
खूनी रात का मंजर
घटना वाली रात करीब 9:30 बजे एक बार फिर अर्शप्रीत ने अपने दादा-दादी के साथ सोने की जिद पकड़ ली। इसी बात पर घर में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कुलविंदर कौर ने आपा खो दिया और अपने ही कलेजे के टुकड़े पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
”बच्चे की चीख सुनकर जब परिजन कमरे की ओर भागे, तो अर्शप्रीत लहूलुहान हालत में बिस्तर पर तड़प रहा था। आरोपी माँ मौके का फायदा उठाकर वहां से फरार हो चुकी थी।”
परिजन मासूम को तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि रास्ते में ही अर्शप्रीत ने दम तोड़ दिया।

अदालत की सख्त टिप्पणी
पुलिस ने मामला दर्ज कर कुलविंदर कौर को गिरफ्तार किया था। मामले की लंबी सुनवाई के दौरान गवाहों और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी पाया। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा:
- यह अपराध न केवल गंभीर है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है।
- एक माँ, जिसे रक्षक माना जाता है, वही भक्षक बन गई।
- समाज में कड़ा संदेश देने के लिए ऐसे जघन्य अपराधों में सख्त सजा अनिवार्य है।








