हिमाचल में फिर डोली धरती: कांगड़ा में तड़के महसूस किए गए भूकंप के झटके
रिक्टर स्केल पर 2.8 रही तीव्रता, किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं

शिमला/धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मंगलवार की सुबह भूकंप के झटकों से लोग सहम गए। हालांकि तीव्रता कम होने के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन तड़के हुई इस हलचल ने एक बार फिर देवभूमि में भूगर्भीय संवेदनशीलता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सुबह 4:33 बजे हुई हलचल
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, कांगड़ा में भूकंप के ये झटके सुबह 04:33:22 बजे महसूस किए गए। उस समय अधिकांश लोग नींद में थे, लेकिन अचानक हुई थरथराहट से कई लोग जाग गए और कुछ देर के लिए इलाके में सन्नाटा पसर गया।
भूकंप का विवरण:
- समय: सुबह 04:33:22 बजे
- तीव्रता: 2.8 (रिक्टर स्केल)
- गहराई: जमीन से 10 किलोमीटर नीचे
- केंद्र: कांगड़ा जिला

राहत की खबर: कोई नुकसान नहीं
वैज्ञानिकों के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 2.8 की तीव्रता काफी कम मानी जाती है। यही कारण है कि जिले में कहीं से भी किसी तरह के जान-माल या संपत्तियों के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और फिलहाल घबराने जैसी कोई बात नहीं बताई गई है।
मंडी में भी आ चुका है भूकंप
हिमाचल प्रदेश में इस साल भूकंप का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को मंडी जिले में भी दोपहर करीब 12:57 बजे धरती कांपी थी। मंडी में आए उस भूकंप का केंद्र जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे था।

विशेषज्ञों की राय
भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील जोन-4 और जोन-5 में आता है। विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी और चंबा जैसे जिलों में अक्सर इस तरह की हल्की हलचल दर्ज की जाती रहती है। प्लेटों के आंतरिक टकराव के कारण इन क्षेत्रों में ऊर्जा का उत्सर्जन होता रहता है, जिससे छोटे भूकंप आते हैं।
सावधानी ही बचाव है: विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराएं नहीं और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।








