अवैध खनन पर पुलिसिया सख्ती के खिलाफ फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे सैकड़ों ट्रैक्टर
नूरपुर में चक्का जाम: रोजगार छिनने से भड़के चालक और किसान, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

नूरपुर: जिला पुलिस द्वारा अवैध खनन के खिलाफ बरती जा रही सख्ती अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। खड्डों और नदी-नालों से रेत-बजरी निकालने पर पुलिस की लगातार कार्रवाई, भारी-भरकम चालान और वाहनों की जब्ती से तंग आकर नूरपुर, फतेहपुर, जवाली और इंदौरा क्षेत्र के सैकड़ों ट्रैक्टर चालक शनिवार को सड़कों पर उतर आए। ट्रैक्टर रैलियों के कारण क्षेत्र में घंटों ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रैलियों से थमी रफ्तार, तलाड़ा ग्राउंड में शक्ति प्रदर्शन
शनिवार को विरोध की गूंज नूरपुर से लेकर रैहन तक सुनाई दी। प्रदर्शनकारियों ने नूरपुर से तलाड़ा और भरमाड़ से रैहन तक विशाल ट्रैक्टर रैलियां निकालीं। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी तलाड़ा ग्राउंड में एकत्रित हुए, जहां प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस नियमों के नाम पर गरीब ट्रैक्टर चालकों को निशाना बना रही है।

आजीविका का संकट: ‘लोन की किस्त चुकाना हुआ नामुमकिन’
प्रदर्शन में शामिल ट्रैक्टर मालिकों और चालकों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा:
- रोजगार ठप: रेत-बजरी का काम ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया है।
- बैंकों का कर्ज: अधिकांश चालकों ने बैंक से लोन लेकर ट्रैक्टर खरीदे हैं। काम बंद होने से अब उनके पास किस्तें चुकाने के पैसे नहीं हैं।
- वैकल्पिक व्यवस्था की मांग: चालकों ने स्पष्ट किया कि वे अवैध खनन के पक्षधर नहीं हैं, लेकिन सरकार को कार्रवाई से पहले उनके रोजगार के लिए कोई नीति या वैकल्पिक व्यवस्था बनानी चाहिए।

सियासी पारा चढ़ा: राकेश पठानिया बोले— ‘गरीबों का उत्पीड़न बंद करे सरकार’
भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री राकेश पठानिया भी इस प्रदर्शन के समर्थन में मैदान में उतरे। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई छोटे किसानों और मजदूरों के पेट पर लात मारने जैसी है।
”पुलिस की यह सख्ती केवल छोटे ट्रैक्टर चालकों तक सीमित है। अगर सरकार ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला और गरीबों को राहत नहीं दी, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। हम चुप नहीं बैठेंगे।”
— राकेश पठानिया, भाजपा नेता

चेतावनी: मांगें न मानीं तो उग्र होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके ट्रैक्टरों को छोड़ने और काम करने की अनुमति देने पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में वे चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।








