ट्विंकल खन्ना ने युवा डिजाइनर्स को दिया सफलता का मंत्र: “बिना आराम के लग्जरी का कोई अर्थ नहीं”

मुंबई/अंधेरी:प्रख्यात लेखिका, उद्यमी और इंटीरियर डिजाइन विशेषज्ञ ट्विंकल खन्ना ने मुंबई के अंधेरी स्थित ‘एनआईएफ ग्लोबल प्लेटिनम सेंटर’ में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान युवा डिजाइनर्स से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने रचनात्मकता (Creativity), प्रामाणिकता (Authenticity) और डिजाइन की उपयोगिता पर अपने बेबाक और व्यावहारिक विचार साझा किए।
डिजाइन और उपयोगिता का संतुलन अनिवार्य
छात्रों को संबोधित करते हुए ट्विंकल खन्ना ने कहा कि डिजाइन में रचनात्मकता के साथ-साथ उपयोगिता का संतुलन होना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया, “कला में नियम तोड़े जा सकते हैं, लेकिन डिजाइन—विशेषकर इंटीरियर डिजाइन—हमेशा उपयोगी होना चाहिए क्योंकि यह सीधे लोगों की जीवनशैली से जुड़ा होता है।”
सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर उठाए सवाल
आधुनिक दौर के डिजाइन ट्रेंड्स पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए डिजाइन बनाना एक गलत दिशा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, “बिना आराम के लग्जरी का कोई अर्थ नहीं है। एक अच्छा डिजाइन वही है जो उपयोगकर्ता की वास्तविक जरूरतों को पूरा करे।”

’द डिजाइन बैंटर शो’ रहा आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान आयोजित “द डिजाइन बैंटर शो” विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां छात्रों ने डिजाइन, मौजूदा ट्रेंड्स और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति पर खुलकर चर्चा की। ट्विंकल खन्ना ने कैंपस का दौरा कर छात्रों द्वारा तैयार फैशन, इंटीरियर्स और स्पैटियल स्टोरीटेलिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स की सराहना की और उन्हें अपने विजन को और निखारने के लिए प्रेरित किया।

AI और प्रोफेशनल एथिक्स पर बेबाक राय
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि AI केवल एक उपकरण है, लेकिन असली रचनात्मकता हमेशा इंसानी सोच से ही आती है क्योंकि मशीनों में ‘आत्मा’ नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने प्रोफेशनल एथिक्स पर जोर देते हुए कहा कि डिजाइन के क्षेत्र में निर्णय योग्यता (Merit) के आधार पर होने चाहिए, न कि व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर।
संस्थान के निदेशक विवेक गौतम का कथन:
“ट्विंकल खन्ना का यह दौरा छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा। उनकी स्पष्ट सोच ने छात्रों को इंडस्ट्री की वास्तविक समझ दी है। हमारा उद्देश्य छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि इंडस्ट्री की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है।”








