ईरान-इजराइल युद्ध की तपिश पंजाब में: पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार, कैनियों में तेल भरने पर लगी रोक

जालंधर/लुधियाना/अमृतसर: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों का सीधा असर अब पंजाब की सड़कों और पेट्रोल पंपों पर दिखने लगा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने राज्य में ईंधन की आपूर्ति को लेकर लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। बीते कई दिनों से पंजाब के प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति यह है कि लोग न केवल अपने वाहनों की टंकियां फुल करवा रहे हैं, बल्कि भविष्य की आशंका के चलते ड्रमों और कैनियों में भी तेल का स्टॉक कर रहे हैं।

प्रमुख शहरों में ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड
कल जहां जालंधर और लुधियाना में कुछ पंप तेल खत्म होने के कारण बंद हो गए थे, वहीं आज अमृतसर के रानी का बाग इलाके स्थित पेट्रोल पंप पर भी पेट्रोल खत्म होने की खबर आई है। पंप मालिकों ने नोटिस चपका कर तेल की अनुपलब्धता की घोषणा कर दी है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी हलचल है।

प्रशासन की सख्त एडवाइजरी: ड्रम और कैनियों पर पाबंदी
बढ़ती जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने अब कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
- मोगा: फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने आदेश जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगा दी है।
- लुधियाना: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तेल केवल वाहनों की टंकी में ही डाला जाएगा, अलग से कंटेनरों में सप्लाई नहीं दी जाएगी।
- चंडीगढ़: यहां भी ड्रम में डीजल की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने जताया विरोध
प्रशासन के इन आदेशों का पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन का तर्क है कि:
- डीजल का बड़ा हिस्सा खेती की मशीनों, जनरेटरों और भारी मोटरों में इस्तेमाल होता है।
- इन मशीनों को उठाकर पेट्रोल पंप तक लाना किसानों और आम जनता के लिए असंभव है।
- इस तरह की पाबंदियों से जनता के बीच डर और पैनिक (Panic) का माहौल और ज्यादा बढ़ेगा।

पठानकोट और मोहाली में राहत
जहां अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े केंद्रों में मारामारी मची है, वहीं राहत की बात यह है कि पठानकोट और मोहाली में अभी तक पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और वहां फिलहाल ऐसी कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई है।
विशेष नोट: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा तेल का स्टॉक न करें, ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो।








