वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

कोविड-19 अपडेट: दो साल बाद फिर सक्रिय हुआ BA.3.2, जानें भारत के लिए कितना है खतरा

दुनिया में फिर बढ़ी ‘कोरोना’ की टेंशन: 23 देशों में फैला BA.3.2 वेरिएंट, भारत में कितनी चुनौती?

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: कोरोना महामारी की लहरें भले ही शांत पड़ गई हों, लेकिन वायरस का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। SARS-CoV-2 का BA.3.2 वेरिएंट एक बार फिर दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहा है। अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुसार, यह वेरिएंट अब तक 23 देशों में अपने पैर पसार चुका है।

दो साल बाद फिर सक्रिय हुआ पुराना दुश्मन

​हैरानी की बात यह है कि BA.3.2 कोई बिल्कुल नया वेरिएंट नहीं है। करीब दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में इसके शुरुआती मामले देखे गए थे, जिसके बाद यह लगभग गायब हो गया था। लेकिन मार्च 2026 में अमेरिका सहित कई देशों में इसकी सक्रियता फिर से बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जीनोमिक निगरानी (Genomic Surveillance) के दौरान इसके बढ़ते मामलों की पुष्टि हुई है।

75 म्यूटेशन: वैक्सीन को दे सकता है चकमा?

​वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय इस वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में हुए बदलाव हैं। इसमें लगभग 75 म्यूटेशन दर्ज किए गए हैं।

  • इम्यूनिटी पर असर: विशेषज्ञों का मानना है कि इतने ज्यादा बदलावों के कारण यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को चकमा देने में सक्षम हो सकता है।
  • वैक्सीन की प्रभावशीलता: आशंका जताई जा रही है कि मौजूदा वैक्सीन का असर इस पर थोड़ा कम हो सकता है, हालांकि इस पर शोध अभी जारी है।

यूरोप में दिखा असर, लक्षण फिलहाल ‘हल्के’

​पिछले साल यूरोप में इस वेरिएंट का बड़ा प्रभाव देखा गया था, जहां कुल कोविड मामलों में से 35% इसी के थे। राहत की बात यह है कि डेनमार्क और नीदरलैंड्स जैसे देशों के आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण तेजी से तो फैलता है लेकिन लक्षण गंभीर नहीं हैं। मरीजों में ज्यादातर सामान्य फ्लू जैसे लक्षण ही देखे गए हैं।

भारत में क्या है स्थिति?

​भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार, देश में फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है।

    • ​अभी तक भारत में इसका कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है।
    • ​भारत में व्यापक टीकाकरण और ‘हर्ड इम्यूनिटी’ के कारण जोखिम कम माना जा रहा है।
    • ​विशेषज्ञों का कहना है कि अब कोविड के लक्षण आम सर्दी-जुकाम जैसे रह गए हैं।

​”सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग और हाथों की स्वच्छता अभी भी वायरस को रोकने के प्रभावी हथियार हैं।” – स्वास्थ्य विशेषज्ञ

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में

विशेषता

विवरण

वेरिएंट का नाम

BA.3.2 (SARS-CoV-2)

प्रसार

अमेरिका, यूरोप सहित 23 देश

मुख्य लक्षण

हल्के (सामान्य फ्लू जैसे)

चिंता का कारण

स्पाइक प्रोटीन में 75 म्यूटेशन

भारत में स्थिति

फिलहाल कोई मामला नहीं, स्थिति सामान्य

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!