अवैध खैर कटान: कुटलैहड़ में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, बीओ और फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड

ऊना: जिला के कुटलैहड़ क्षेत्र के झम्बर गांव में हुए बहुचर्चित अवैध खैर कटान मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए दो कर्मचारियों पर गाज गिराई है। विभागीय जांच में लापरवाही पाए जाने पर डीएफओ सुशील राणा ने संबंधित ब्लॉक ऑफिसर (बीओ) और फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। विभाग ने दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए हैं।

9 अतिरिक्त पेड़ों के कटान ने खोली पोल
जानकारी के अनुसार, झम्बर गांव में सरकारी और निजी भूमि पर बड़े स्तर पर खैर के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया था। विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में फॉरेस्ट गार्ड और बीओ ने 27 पेड़ों के कटान की जानकारी दी थी। लेकिन जब डीएफओ सुशील राणा की अगुवाई में विशेष टीमों ने मौके पर सघन जांच की, तो वहां 36 पेड़ कटे हुए पाए गए।
इन 9 अतिरिक्त पेड़ों के कटान की रिपोर्ट न करना कर्मचारियों को भारी पड़ गया। विभाग अब पूरे क्षेत्र की पैमाइश (निशानदेही) करवा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि काटे गए पेड़ों में से कितने सरकारी भूमि पर थे और कितने निजी।

बहडाला में 3 आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार
एक अन्य मामले में, ऊना के बहडाला क्षेत्र में खैर काटते हुए तीन लोगों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथों दबोचा है। डीएफओ ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड आरती की अगुवाई में टीम ने मौके पर दबिश दी, जहाँ तीन आरोपी पेड़ काट रहे थे। विभाग ने तीनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
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विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
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प्रभावित क्षेत्र |
झम्बर (कुटलैहड़) और बहडाला (ऊना) |
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कुल कटे पेड़ मिले |
36 (झम्बर में) |
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रिपोर्ट किए गए पेड़ |
27 |
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कार्रवाई |
बीओ और फॉरेस्ट गार्ड निलंबित |
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गिरफ्तारी |
बहडाला से 3 आरोपी पकड़े गए |
डीएफओ का कथन: > “वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वालों और इसमें कोताही बरतने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। झम्बर मामले में लापरवाही के चलते दो कर्मियों को सस्पेंड किया गया है और जांच जारी है।” — सुशील राणा, डीएफओ








