डिजिटल सुरक्षा की ओर बड़ा कदम: ‘नॉन-कॉन्सेंसुअल’ सामग्री साझा करने पर कसेगा शिकंजा, नई SOP लागू

शिमला/नई दिल्ली:डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ब्लैकमेलिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियम, 2021 के तहत अब बिना सहमति के निजी और अंतरंग सामग्री (NCII) साझा करने वालों के विरुद्ध नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश के डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग के प्रवक्ता ने इस नई व्यवस्था और साइबर सुरक्षा के कड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की है।
क्या है NCII और इसके दायरे में क्या आता है?
प्रवक्ता के अनुसार, नॉन-कॉन्सेंसुअल इंटिमेट इमेज (NCII) की श्रेणी में ऐसी किसी भी तस्वीर या वीडियो को रखा गया है जिसमें:
- किसी व्यक्ति के निजी अंगों को दर्शाया गया हो।
- पूर्ण या आंशिक नग्नता प्रदर्शित की गई हो।
- यौन क्रियाएं शामिल हों।
- डीपफेक तकनीक: AI या अन्य तकनीक से बदली गई अश्लील तस्वीरों को भी इसी गंभीर श्रेणी में रखा गया है। सरकार इसे निजता और गरिमा का सीधा उल्लंघन मानती है।

पीड़ित कहाँ और कैसे दर्ज करें शिकायत?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय पीड़ित इन चार चरणों में मदद ले सकते हैं:
- प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट: सबसे पहले उस वेबसाइट या ऐप (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम) के ‘रिपोर्ट’ विकल्प का उपयोग करें या उनके शिकायत निवारण अधिकारी से संपर्क कर कंटेंट हटवाएं।
- साइबर पोर्टल और हेल्पलाइन: पीड़ित अपनी शिकायत सीधे राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं या त्वरित सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
- वन स्टॉप सेंटर: महिलाएं विशेष सहायता, कानूनी सलाह और परामर्श के लिए अपने नजदीकी ‘वन स्टॉप सेंटर’ जा सकती हैं।
- पुलिस कार्रवाई: किसी भी नजदीकी पुलिस थाने में जाकर सीधे FIR दर्ज कराई जा सकती है।
सोशल मीडिया कंपनियों पर ‘जीएसी’ (GAC) की नजर
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अब सोशल मीडिया कंपनियां शिकायतों को नजरअंदाज नहीं कर सकेंगी। यदि कोई प्लेटफॉर्म तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करता या पीड़ित समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह सरकारी पोर्टल के माध्यम से शिकायत अपीलीय समिति (GAC) के पास अपनी अपील दर्ज करा सकता है।
“इंटरनेट पर सतर्कता ही बचाव है। यदि आपको कोई आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त होती है, तो उसे आगे साझा (Forward) न करें। यह न केवल अपराध है, बल्कि किसी की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। ऐसी घटना की तुरंत सूचना पुलिस को दें।”
— प्रवक्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग

मुख्य बिंदु: एक नजर में
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श्रेणी |
कार्रवाई/संपर्क |
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हेल्पलाइन नंबर |
1930 |
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आधिकारिक पोर्टल |
www.cybercrime.gov.in |
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अपील के लिए |
GAC पोर्टल |
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नियम |
सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 |








