हिमाचल के ‘एंट्री टैक्स’ पर पंजाब में घमासान: सीमा पर 2 घंटे चक्का जाम, 10 KM लगा लंबा जाम

रूपनगर/घनौली: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल से स्टेट एंट्री टैक्स (State Entry Tax) में की गई भारी वृद्धि के खिलाफ पंजाब में विरोध की आग तेज हो गई है। मंगलवार को रूपनगर जिले के घनौली-नालागढ़ मार्ग पर स्थित भैरावल एंट्री प्वाइंट पर किसान और सामाजिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने करीब 2 घंटे तक मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम रखा, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं और आम जनता को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।

70 रुपये का टैक्स अब 170 के पार
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कीर्ति किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (बहरामके) के नेताओं ने बताया कि टैक्स में 100% से अधिक की वृद्धि की गई है।
- छोटे वाहन: पहले टैक्स ₹70 था, जिसे बढ़ाकर अब ₹170 कर दिया गया है।
- बड़े वाहन: मालवाहक और बड़े वाहनों पर शुल्क ₹400 से बढ़ाकर ₹900 तक पहुँच गया है।
नेताओं ने कहा कि इस फैसले से न केवल महंगाई बढ़ेगी, बल्कि उन सीमावर्ती निवासियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा जो रोजगार या दैनिक कार्यों के लिए रोजाना दोनों राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं।

‘रेसिप्रोकल टैक्स’ की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने घनौली टी-प्वाइंट से हिमाचल बैरियर तक एक विशाल रोष रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान मांग की गई कि:
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- बढ़ा हुआ टैक्स तुरंत वापस लिया जाए।
- सीमावर्ती इलाकों के निवासियों को टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाए।
- दोनों राज्य सरकारें आपसी तालमेल से “रेसिप्रोकल टैक्स” (पारस्परिक कर) नीति लागू करें।
”यह वृद्धि आम जनता और व्यापारियों की कमर तोड़ने वाली है। अगर 31 मार्च तक सरकार ने यह जनविरोधी फैसला वापस नहीं लिया, तो 1 अप्रैल से सीमाओं पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।”
— किसान नेता (संघर्ष समिति)

प्रशासन को चेतावनी: 1 अप्रैल से होगा आर-पार का संघर्ष
संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक अधिसूचना रद्द नहीं होती। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने राहत की बात यह कही कि आंदोलन के दौरान एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा। फिलहाल, चक्का जाम के कारण हजारों मुसाफिरों और ट्रक चालकों को घंटों धूप में परेशान होना पड़ा।








