जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 1.5 फुट तक ताजा बर्फबारी; जोत-चुवाड़ी और तीसा सहित कई मुख्य मार्ग बंद, परिवहन ठप।

जितेंद्र मेहरा, चंबा । हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और ताजा बर्फबारी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर बर्फबारी से कई प्रमुख संपर्क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जमी बर्फ की चादर
देर रात जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों—डलहौजी, खजियार, जोत, चुराह और जनजातीय क्षेत्रों—भरमौर व पांगी घाटी में जमकर हिमपात हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- डलहौजी, कालाटॉप और लकड़मंडी: आधा फुट से एक फुट तक बर्फ।
- चुराह, भरमौर, होली और पांगी: एक से डेढ़ फुट तक ताजा बर्फबारी।
यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित
भारी बारिश और सड़कों पर बिछी सफेद चादर के कारण चंबा-जोत-चुवाड़ी, चंबा-भांदल-लंगेरा और चंबा-तीसा मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़कों पर अत्यधिक फिसलन को देखते हुए बस चालकों ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया है ताकि कोई अनहोनी घटना न हो।

किसानों और बागवानों में खुशी की लहर
आम जनजीवन प्रभावित होने के बावजूद, क्षेत्र के किसान और बागवान इस बर्फबारी को ‘सफेद सोना’ मान रहे हैं। बागवानों का कहना है कि:
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- यह हिमपात आने वाले समय में पानी के स्रोतों को रिचार्ज करेगा।
- सेब की फसल के लिए आवश्यक ‘चिलिंग आवर्स’ पूरे होने में मदद मिलेगी।
- आगामी सीजन में खेती और फलों की बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है।
“बर्फबारी से भले ही रास्ते बंद हुए हैं, लेकिन खेती और सेब के बागानों के लिए यह वरदान है। इससे सूखे की समस्या खत्म होगी और फसल अच्छी होगी।” — स्थानीय बागवान








