जे.एस. फार्म गेहूं मामला: फूड सप्लाई विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो इंस्पेक्टर सस्पेंड
करोड़ों की गेहूं खराब होने और गबन को छिपाने में लापरवाही का आरोप; इंस्पेक्टर अनिल और प्रवीण सल्लण पर गिरी गाज

जालंधर/मकसूदां : थाना मकसूदां के अंतर्गत समस्तपुर स्थित जे.एस. फार्म में हुए बहुचर्चित गेहूं घोटाले ने अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। इस मामले में फूड सप्लाई विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही दो इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टरों की पहचान अनिल और प्रवीण सल्लण के रूप में हुई है, जो करतारपुर में तैनात थे।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जे.एस. फार्म के गोदामों में रखी करोड़ों रुपये की सरकारी गेहूं के खराब होने और उसमें हेराफेरी (गबन) होने की शिकायतें सामने आई थीं। विभाग की आंतरिक जांच में यह पाया गया कि इन दोनों इंस्पेक्टरों ने न केवल अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती, बल्कि गबन की गई गेहूं को बचाने के प्रयासों में भी कथित तौर पर ढील दी।
जिला फूड कंट्रोलर (DFSC) नरेंद्र सिंह ने दोनों इंस्पेक्टरों के निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
जांच टीम को रोकने से शुरू हुआ था विवाद
गौरतलब है कि जे.एस. फार्म के मालिक उपकार सिंह होठी के गोदाम में भारी मात्रा में गेहूं सड़ने की सूचना पर जब फूड सप्लाई विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची थी, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया था। काफी हंगामे के बाद, इंस्पेक्टर प्रवीण सल्लण के बयानों के आधार पर ही पुलिस ने फार्म मालिक होठी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

शिकारी ही बने आरोपी
हैरानी की बात यह है कि जिस इंस्पेक्टर (प्रवीण सल्लण) की शिकायत पर मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, विभाग ने अब उसी को लापरवाही का दोषी पाया है। जांच में संकेत मिले हैं कि गोदाम में रखे स्टॉक के रखरखाव और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध थी।








