कैप्स, चीयर्स और बचपन के सपने: एमसीएस पठानकोट ने “किलकारी” ग्रेजुएशन गाला के साथ मनाया नन्हे स्नातकों का जश्न

पठानकोट : मोंटेसरी कैम्ब्रिज स्कूल (MCS), पठानकोट के परिसर में आज उत्साह, गर्व और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था सत्र 2025-26 के किंडरगार्टन ग्रेजुएशन गाला “किलकारी” का, जहाँ नन्हे शिक्षार्थियों ने अपनी बालवाड़ी की यात्रा पूरी कर स्कूली शिक्षा के अगले चरण में कदम रखा।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
समारोह के मुख्य अतिथि स्कूल के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. सौरभ सिंह ठाकुर थे। कार्यक्रम की शोभा स्कूल के अध्यक्ष श्री विनोद महाजन एवं श्रीमती सुषमा महाजन, तथा उपाध्यक्ष श्री आकाश महाजन एवं श्रीमती राहत महाजन ने अपनी उपस्थिति से बढ़ाई। संस्थान के नेतृत्व ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना निरंतर समर्थन और आशीर्वाद दिया।

पूर्व छात्र डॉ. सौरभ ने साझा की यादें
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. सौरभ सिंह ठाकुर भावुक हो उठे। उन्होंने स्कूल में बिताए अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा:
”आज मैं जो कुछ भी हूँ, उसमें मेरे शिक्षकों के मार्गदर्शन और इस संस्थान की नींव का बड़ा योगदान है। शिक्षक केवल अक्षर नहीं सिखाते, बल्कि चरित्र का निर्माण करते हैं।”

उन्होंने नन्हे स्नातकों को जीवन में अनुशासित रहने और नई चीजें सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहने के लिए प्रेरित किया।

प्रिंसिपल का संदेश: नींव की मजबूती पर जोर
स्कूल के प्राचार्य ने अपने संबोधन में छोटे स्नातकों को बधाई देते हुए प्रारंभिक शिक्षा (Early Childhood Education) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “किलकारी” केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नैतिक मूल्यों को रोपने का एक प्रयास है। उन्होंने बच्चों की इस उपलब्धि में माता-पिता और शिक्षकों के साझा समर्पण की भी सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
उत्सव के सांस्कृतिक खंड में नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों ने मंच पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बच्चों ने समूह गीत “अपने तो अपने होते हैं” गाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

दीक्षांत समारोह का गौरवमयी क्षण
समारोह का मुख्य आकर्षण वह पल था जब छोटे बच्चों ने अपनी ग्रेजुएशन कैप्स पहनी। जैसे ही बच्चों ने अपनी डिग्रियां प्राप्त कीं, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह दृश्य उनके किंडरगार्टन के सफल समापन और एक नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत का प्रतीक था।
कार्यक्रम का समापन सुखद स्मृतियों के साथ हुआ, जिसने एक बार फिर शिक्षा और सर्वांगीण विकास के प्रति मोंटेसरी कैम्ब्रिज स्कूल की प्रतिबद्धता को दोहराया।








