पंजाब विधानसभा में ‘गिद्धा’ वाले बयान पर रार: खैहरा और चीमा के बीच तीखी झड़प, सदन की कार्यवाही स्थगित

चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस समय भारी हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान का मुद्दा गरमा गया। खैहरा और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद सदन में जबरदस्त नारेबाजी हुई, जिसके चलते स्पीकर को विधानसभा की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
क्या है विवाद की जड़?
मामले की शुरुआत सुखपाल सिंह खैहरा के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “गिद्धा नृत्य करने वाली महिलाओं से बहादुर बेटों को जन्म देने की उम्मीद नहीं की जा सकती।” इस बयान को महिलाओं का अपमान बताते हुए सत्ता पक्ष (आम आदमी पार्टी) ने बीते दिन सदन में खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया था।

आज सदन में क्या हुआ?
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सुखपाल खैहरा ने अपनी अनुपस्थिति में पास किए गए निंदा प्रस्ताव पर कड़ा ऐतराज जताया। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- संवैधानिक सवाल: खैहरा ने सवाल उठाया कि उनकी गैर-मौजूदगी में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव कैसे पास किया गया?
- स्पीकर से जवाब की मांग: उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया को लेकर आज स्पीकर से स्पष्टीकरण मांगेंगे।
- तीखी बहस: इसी दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा और खैहरा के बीच सीधी बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया।
विपक्ष का सरकार पर हमला
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने खैहरा का बचाव करते हुए सदन में जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जानबूझकर उनके विधायकों को निशाना बना रही है। हंगामे के चलते सदन की गरिमा प्रभावित होते देख स्पीकर ने कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोक दिया।
“यह केवल मेरा अपमान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन है। मेरी अनुपस्थिति में प्रस्ताव लाना गलत था, जिसका जवाब मैं आज सदन में दूंगा।”
— सुखपाल सिंह खैहरा, कांग्रेस विधायक

आगे क्या?
खैहरा आज इस पूरे मामले पर सदन में अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण पेश करने वाले हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खैहरा अपने बयान पर माफी नहीं मांगते या स्पीकर के फैसले पर सवाल उठाना जारी रखते हैं, तो यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।








