स्कूली बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं: ऊना में 87 बसों की जांच, 13 के कटे चालान

ऊना: स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ऊना ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त जतिन लाल के निर्देशों के बाद पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न हिस्सों में स्कूली बसों और वैनों के दस्तावेजों की सघन जांच की। इस विशेष अभियान के दौरान जहाँ 87 बसों के रिकॉर्ड खंगाले गए, वहीं नियमों की अनदेखी करने वाले 13 वाहन चालकों के मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान भी काटे गए।
दस्तावेजों की बारीकी से हुई जांच
निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती। जांच टीमों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मानकों पर ध्यान केंद्रित किया:
- फिटनेस प्रमाण पत्र (वाहन चलने योग्य है या नहीं)
- पंजीकरण और बीमा के वैध दस्तावेज
- प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC)
- सुरक्षा मानकों (जैसे अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स) की उपलब्धता

उपायुक्त के सख्त निर्देश
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त जतिन लाल ने बीते दिनों ही स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
”स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— जतिन लाल, उपायुक्त ऊना

स्कूलों को चेतावनी
प्रशासन ने सभी निजी स्कूल प्रबंधकों को हिदायत दी है कि वे अपने वाहनों के सभी दस्तावेज समय पर अपडेट रखें और चालकों के व्यवहार व गति सीमा पर नजर रखें। इस कार्रवाई से जिला भर के स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा रहा। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को रोकना और बच्चों का सफर सुरक्षित बनाना है।








