फेसबुक पर ‘निवेश’ का झांसा देकर रिटायर्ड अधिकारी से 94.50 लाख की ठगी

धर्मशाला/ऊना: साइबर ठगों ने प्रदेश में ठगी का अब तक का सबसे बड़ा जाल बुनते हुए जिला ऊना के एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी को अपना शिकार बनाया है। उत्तर क्षेत्र (नॉर्थ जोन) साइबर थाना धर्मशाला के अंतर्गत आने वाले इस मामले में शातिरों ने निवेश के नाम पर करीब 94.50 लाख रुपए की ऑनलाइन चपत लगाई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन से बुना ठगी का जाल
जानकारी के अनुसार, ठगी का यह खेल सितंबर माह में शुरू हुआ था। पीड़ित अधिकारी को फेसबुक पर एक लुभावना विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें दावा किया गया था कि 22 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह निवेश करने पर 85 हजार रुपए का निश्चित लाभ मिलेगा। विज्ञापन के झांसे में आकर जैसे ही पीड़ित ने संपर्क किया, शातिरों ने उन्हें एक ऑनलाइन ग्रुप में शामिल कर लिया।

टैक्स के नाम पर भी वसूले 11 लाख
ठगों के प्रभाव में आकर रिटायर्ड अधिकारी ने किस्तों में लगभग 84 लाख रुपए का निवेश कर दिया। जब पीड़ित ने अपने लाभ की राशि मांगी, तो शातिरों ने एक नई चाल चली। उन्होंने कहा कि कुल लाभ (Profit) निकालने के लिए 11 लाख रुपए का टैक्स जमा करना अनिवार्य है। भरोसे में आकर अधिकारी ने यह राशि भी चुका दी। कुल 94.50 लाख रुपए गंवाने के बाद भी जब कोई रिटर्न नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना धर्मशाला में गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई और बैंक खाते फ्रीज
साइबर अपराध विभाग के डीआईजी रोहित मालपानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिलते ही अज्ञात शातिरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
”हमने पीड़ित के बैंक खातों से ट्रांसफर हुई राशि को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। संबंधित खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया जारी है और शातिरों को पकड़ने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की टीम काम कर रही है।”
— रोहित मालपानी, डीआईजी, साइबर क्राइम

सावधान रहें: साइबर पुलिस की सलाह
- सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर दिखने वाले “असाधारण लाभ” वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा बताए गए व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में शामिल होने से बचें।
- यदि आपके साथ कोई ठगी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।








