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“जब रक्षक ही भक्षक बने: ट्रेनिंग सेंटर में अनुशासन की धज्जियां, आरोपी हेड कांस्टेबल पर गिरी गाज”

प्रशिक्षण केंद्र बना प्रताड़ना का अड्डा: डरोह PTC में महिला प्रशिक्षु से डिजिटल दुर्व्यवहार, हेड कांस्टेबल सस्पेंड

कांगड़ा/पालमपुर : हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) डरोह में अनुशासन को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ‘रक्षक’ की भूमिका में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर अपनी ही जूनियर महिला प्रशिक्षु (ट्रेनी) के साथ डिजिटल दुर्व्यवहार और अश्लील संदेश भेजने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तरी रेंज की डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हेड कांस्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।

व्हाट्सएप पर भेजता था अश्लील संदेश

​जानकारी के अनुसार, डरोह में प्रशिक्षण ले रही एक महिला कांस्टेबल पिछले कुछ समय से मानसिक उत्पीड़न झेल रही थी। आरोप है कि संस्थान में तैनात हेड कांस्टेबल उसे व्हाट्सएप पर लगातार आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था। पीड़िता ने अंततः हिम्मत दिखाई और करीब पांच दिन पहले डीआईजी नॉर्थ रेंज को इस संबंध में औपचारिक शिकायत सौंपी।

​”खाकी की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रारंभिक जांच में आरोपी को दोषी पाते हुए सस्पेंड किया गया है। मामले की गहराई से विभागीय जांच जारी है।”

सौम्या सांबशिवन, डीआईजी उत्तरी रेंज

पुख्ता सबूतों के साथ की शिकायत

​पीड़िता ने शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस अधिकारियों को सौंपे हैं। इन साक्ष्यों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद विभाग ने यह कड़ा कदम उठाया है। पुलिस विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या आरोपी ने किसी अन्य प्रशिक्षु को भी निशाना बनाया था।

विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

​पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सम्मान और अनुशासन के मामले में विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाता है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ आगामी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

महिला आयोग ने थपथपाई डीआईजी की पीठ

​राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने डीआईजी सौम्या सांबशिवन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कड़े फैसलों से न केवल पीड़िता को न्याय मिलेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में भी मदद मिलेगी।

Ami News
Author: Ami News

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