वसंतपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: खैर की लकड़ी से लदा ट्रक जब्त, तस्करों में मचा हड़कंप

वन विभाग की कार्यप्रणाली फिर सवालों के घेरे में; स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा पर मांग
लखनपुर : लखनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत वसंतपुर पुलिस चौकी ने खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर लकड़ी से लदा एक ट्रक जब्त किया है। इस कार्रवाई ने जहाँ लकड़ी माफियाओं की कमर तोड़ दी है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर एक बार फिर उंगलियां उठने लगी हैं।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, वसंतपुर पुलिस चौकी को क्षेत्र से अवैध लकड़ी के परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। टीम ने तत्काल मुस्तैदी दिखाते हुए एक संदिग्ध ट्रक को घेराबंदी कर रोका। तलाशी लेने पर ट्रक के भीतर भारी मात्रा में बेशकीमती खैर की लकड़ियां बरामद हुईं। जब पुलिस ने वाहन चालक से लकड़ी से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सका। पुलिस ने तत्काल ट्रक को कब्जे में लेकर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
क्यों है खैर की लकड़ी पर तस्करों की नजर?
खैर की लकड़ी को बेहद बहुमूल्य माना जाता है। इसका मुख्य उपयोग:
- कत्था निर्माण: पान और अन्य उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कत्थे के लिए यह अनिवार्य है।
- औषधीय गुण: विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं में इसका प्रयोग होता है।
- बाजार मूल्य: संगठित अवैध बाजार में इसकी भारी कीमत होने के कारण तस्कर सक्रिय रहते हैं।

वन विभाग की भूमिका पर उठते सवाल
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी रोष है। लोगों का सवाल है कि:
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- जब वन क्षेत्रों में जगह-जगह नाके (Check-posts) स्थापित हैं, तो तस्कर मुख्य सड़कों तक पहुँच कैसे जाते हैं?
- क्या निगरानी व्यवस्था में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है?
- क्या विभाग के पास तस्करों के नेटवर्क की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है?
स्थानीय निवासी का बयान: > “यह मिलीभगत का मामला लगता है। बिना विभाग की चूक के इतने बड़े पैमाने पर तस्करी संभव नहीं है। प्रशासन को वन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाना चाहिए।”

पुलिस की चेतावनी: जारी रहेगी कार्रवाई
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी के स्रोत और इसके गंतव्य (Destination) का पता लगाया जा रहा है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस संगठित नेटवर्क के पीछे कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।








