नशा तस्करी मामले में दो दोषियों को कठोर कारावास: एक को 10 साल, दूसरे को 6 महीने की सजा

धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल धर्मशाला के चेयरमैन जसवंत सिंह की अदालत ने हैरोइन और नशीले कैप्सूलों की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने एक दोषी को 10 साल और दूसरे को 6 महीने के कठोर कारावास की सजा का ऐलान किया है।
मामले का विवरण: देर रात पुलिस गश्त के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, यह मामला सितंबर 2020 का है। जिला कांगड़ा के पुलिस थाना डमटाल की टीम रात के समय गश्त पर थी। रात्रि करीब 11:30 बजे जब टीम भाटिया स्टोन क्रशर के पास शीतला माता मंदिर के समीप पहुंची, तो वहां मौजूद दो युवकों—अमन कुमार उर्फ बिल्ला और राजन उर्फ प्रिंस (दोनों निवासी इंदौरा)—ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की।

पुलिस की तत्परता से दोनों को मौके पर ही दबोच लिया गया। भागते समय:
- एक आरोपी ने पेड़ के पास काले रंग का लिफाफा फेंका था।
- दूसरे आरोपी ने अपनी जेब से एक वस्तु निकालकर जमीन पर फेंकी थी।
बरामदगी और साक्ष्य
तलाशी के दौरान पुलिस को निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई:
- नशीले कैप्सूल: काले लिफाफे से 495 प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद हुए, जिनका कुल वजन 327.7 ग्राम था।
- हैरोइन (चिट्टा): दूसरे आरोपी द्वारा फेंके गए पारदर्शी लिफाफे से 3.02 ग्राम हैरोइन बरामद की गई।

अदालत का फैसला और जुर्माना
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। जिला न्यायवादी संजीव राणा की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी पाया








